विधानसभा सत्र के बीच विपक्षी विधायक को विजिलेंस मुख्यालय बुलाना अभूतपूर्व, विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश लंबे समय तक नहीं चलेगी : सुधीर शर्मा – भारत केसरी टीवी

विधानसभा सत्र के बीच विपक्षी विधायक को विजिलेंस मुख्यालय बुलाना अभूतपूर्व, विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश लंबे समय तक नहीं चलेगी : सुधीर शर्मा

शिमला ब्यूरो सुभाष शर्मा     21/08/2026

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विधानसभा सत्र के बीच विपक्षी विधायक को विजिलेंस मुख्यालय बुलाना अभूतपूर्व, विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश लंबे समय तक नहीं चलेगी : सुधीर शर्म

 

मामला धर्मशाला का, दस्तावेज धर्मशाला में, फिर शिमला मुख्यालय बुलाने की इतनी जल्दबाजी क्यों; जांच की प्रक्रिया और प्रोटोकॉल पर उठते हैं गंभीर सवाल : सुधीर शर्मा

 

विधानसभा में उठने वाले जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष को जांच में उलझा रही कांग्रेस सरकार, समय आने पर पूरी तस्वीर जनता के सामने आएगी : सुधीर शर्मा

 

शिमला, 21 अगस्त। पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक सुधीर शर्मा शुक्रवार को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के शिमला स्थित मुख्यालय पहुंचे। उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ विधायक विपिन सिंह परमार, सतपाल सिंह सत्ती, बलबीर वर्मा, डॉ. जनक राज, इंद्रदत्त लखनपाल, राकेश जम्वाल और त्रिलोक जम्वाल भी विजिलेंस मुख्यालय पहुंचे और सुधीर शर्मा के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

 

इसके अलावा भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार, दीप राज, आशीष शर्मा और पूर्ण चंद ठाकुर भी विजिलेंस मुख्यालय पहुंचे।

 

इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि वह कानून और जांच प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं। विजिलेंस द्वारा जो भी जानकारी मांगी जा रही है, उसका जवाब दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा पूछे गए कई विषयों की जानकारी पहले भी उपलब्ध करवाई जा चुकी है और आज भी मांगी गई जानकारी दी गई है।

 

उन्होंने कहा, “हम कानून को मानने वाले लोग हैं। जो तथ्य हैं, वे प्रदेश की जनता के सामने आएंगे। इसमें कुछ भी छिपाने वाली बात नहीं है। जांच में पहले भी सहयोग किया है और आगे भी पूरा सहयोग करेंगे।”

 

विधानसभा सत्र के बीच विधायक को बुलाने पर सवाल

 

सुधीर शर्मा ने कहा कि यह अपने आप में गंभीर विषय है कि जब हिमाचल प्रदेश विधानसभा का सत्र चल रहा है, उसी दौरान एक विपक्षी विधायक को इस प्रकार जांच के लिए बीच सत्र में बुलाया जा रहा है।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार का रवैया लगातार विपक्ष की आवाज को दबाने वाला बनता जा रहा है।

 

उन्होंने कहा, “यह पहली बार देखने को मिल रहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान किसी विधायक को इस प्रकार बीच में बुलाया जा रहा है। यदि सरकार को लगता है कि जांच एजेंसियों के माध्यम से विपक्ष की आवाज दबाई जा सकती है तो यह उसकी गलतफहमी है। ऐसी राजनीति लंबे समय तक नहीं चलने वाली।”

 

उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक विधानसभा में प्रदेश की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं और सरकार से जवाब मांग रहे हैं। ऐसे समय में विपक्षी विधायकों को जांच प्रक्रिया में उलझाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

 

मामला धर्मशाला का तो शिमला बुलाने की जल्दबाजी क्यों?

 

सुधीर शर्मा ने कहा कि संबंधित मामला धर्मशाला में है और उससे जुड़े दस्तावेज भी वहीं हैं। ऐसे में उन्हें शिमला स्थित विजिलेंस मुख्यालय में बुलाने के पीछे क्या आवश्यकता और इतनी जल्दबाजी है, यह उनकी समझ से परे है।

 

उन्होंने कहा, “मामला वहां का है, दस्तावेज वहां हैं, फिर मुझे यहां क्यों बुलाया गया? जांच का भी एक निर्धारित प्रोसीजर और प्रोटोकॉल होता है। आखिर इतनी जल्दबाजी में क्या जानना चाहते हैं और क्या करना चाहते हैं?”

 

उन्होंने आरोप लगाया कि जांच से संबंधित सूचनाओं के सार्वजनिक होने के क्रम पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने दावा किया कि पहला समन उन्हें 12 तारीख को प्राप्त हुआ, जबकि उसकी जानकारी 11 तारीख को ही मीडिया तक पहुंच चुकी थी।

 

सुधीर शर्मा ने कहा कि एक मौजूदा विधायक से जुड़े मामले में विधानसभा को भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सूचित किया जाना होता है। उन्होंने दावा किया कि वह 18 तारीख को संबंधित प्रक्रिया में उपस्थित हो चुके थे, जबकि विधानसभा को बाद में सूचित किया गया। उन्होंने कहा कि इससे पूरी कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं।

 

जांच से नहीं डरते, हर सवाल का देंगे जवाब

 

सुधीर शर्मा ने कहा कि इन तमाम सवालों के बावजूद वह संयम रखते हुए जांच एजेंसी का सहयोग कर रहे हैं और जो भी तथ्य एवं दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, उन्हें उपलब्ध करवा रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि सरकार अथवा किसी जांच एजेंसी को यदि किसी विषय पर स्पष्टीकरण चाहिए तो वह तथ्यात्मक जवाब देने के लिए तैयार हैं। “हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। हर सवाल का जवाब दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर दिया जाएगा।”

 

उन्होंने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बिना तथ्यों के धारणा बनाना उचित नहीं है। जांच पूरी होने दी जाए और वास्तविकता तथ्यों के आधार पर प्रदेश की जनता के सामने आने दी जाए।

 

सरकार की नाकामियों से ध्यान भटकाने का प्रयास

 

सुधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए कहा कि वास्तविकता यह है कि वर्तमान सरकार अपने कार्यकाल में धरातल पर अपेक्षित काम नहीं कर पाई है और अब विधानसभा में विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा, “विधानसभा में विपक्ष सरकार से रोजगार, विकास, आर्थिक स्थिति, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और जनता से जुड़े अनेक सवाल पूछ रहा है। इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए पूरी मशीनरी को दूसरे काम में लगा दिया गया है, ताकि प्रदेश की जनता मुख्य मुद्दों के बजाय इन्हीं कार्रवाइयों को देखती रहे।”

 

उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस प्रकार की कार्रवाइयों से डराया या चुप नहीं कराया जा सकता। भाजपा विधायक विधानसभा के अंदर और बाहर प्रदेश की जनता के मुद्दे पूरी मजबूती से उठाते रहेंगे।

 

सुधीर शर्मा ने कहा, “आज भाजपा के विधायक मेरे साथ यहां खड़े हैं। हम सब एकजुट होकर प्रदेश की जनता की आवाज उठा रहे हैं। सरकार जितना विपक्ष को दबाने का प्रयास करेगी, हम उतनी ही मजबूती से जनहित के मुद्दे उठाएंगे। आने वाले समय में पूरी तस्वीर और सारे तथ्य हिमाचल प्रदेश की जनता के सामने होंगे।”

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