*सरकाघाट क्षेत्र में ई-स्कूटी से बदल रही है स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर* – भारत केसरी टीवी

*सरकाघाट क्षेत्र में ई-स्कूटी से बदल रही है स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर*

सरकाघाट आरती शर्मा 21 सितंबर, 2025

Advertisement

· परामर्शदाता को रोगियों के घर-द्वार आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करना हुआ आसान

Advertisement

स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, नागरिक अस्पताल सरकाघाट को हाल ही में एक विशेष ई-स्कूटी प्रदान की गयी है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों तक एचआईवी, यौन संचारित संक्रमण, टीबी, हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़ी दवाइयों की होम डिलीवरी, जांच सेवाएं और परामर्श सुविधाएं पहुँचाना है।

Advertisement

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा हाल ही में शिमला स्थित अपने आधिकारिक आवास ‘ओक ओवर’ से स्वास्थ्य विभाग को सौंपे गए 12 ई-स्कूटर में से यह ई-स्कूटी भी एक है। राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के माध्यम से सिविल अस्पताल सरकाघाट को सौंपी गयी यह ई-स्कूटी एक मानवीय आउटरीच मॉडल का हिस्सा है, जिसे पहली बार राज्य स्तर पर लागू किया गया है। इस मॉडल की विशेषता यह है कि यह सतत्, पर्यावरण-अनुकूल और समयबद्ध सेवा वितरण सुनिश्चित करता है।

Advertisement

व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय से प्रदेश को आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ा रहे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की इस पहल को राज्य में स्वास्थ्य सेवा सुधार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। उनका स्पष्ट संदेश है, “कोई भी नागरिक आवश्यक उपचार से वंचित न रहे।” इस दिशा में ई-स्कूटी जैसे आधुनिक साधनों का उपयोग कर स्वास्थ्य विभाग ने एक नई मिसाल पेश की है।

इस पहल के तहत प्रशिक्षित परामर्शदाता ई-स्कूटी के माध्यम से रोगियों के घर तक पहुंचकर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान कर रहे हैं। खासकर गंभीर या असमर्थ मरीजों के लिए यह एक जीवनदायिनी सेवा बन सकती है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में इसे प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जा सकता है।

सरकाघाट में शुरू हुई यह सेवा न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता के संगम से किस प्रकार समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की यह सोच स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कर्मियों को ई-स्कूटी की तैनाती इस दिशा में एक सार्थक कदम है।

नागरिक अस्पताल सरकाघाट में आईसीटीसी केंद्र में तैनात परामर्शदाता सोनू कुमार पिछले 18 सालों से यहां अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे एचआईवी, एसआईटी, टीबी जैसे रोगों से ग्रस्त रोगियों की काउंसलिंग करते हैं। ई-स्कूटी मिलने के बाद अब ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सुनिश्चित हो रही है और समय का सदुपयोग भी हो रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 12 अगस्त, 2025 से 12 अक्टूबर, 2025 तक प्रदेश के विभिन्न गांवों, निजी व सरकारी स्कूलों के साथ ही रेड रिबन क्लब के माध्यम से स्कूल, कॉलेज में इन रोगों की रोकथाम के प्रति विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें फ्लैस मॉब, पेंटिंग, नारा लेखन और स्वास्थ्य जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। गांव के लोगों को इकठ्ठा कर उनकी काउंसलिंग भी कर रहे हैं। उन्होंने आग्रह किया कि विशेष रूप से युवाओं को अपनी स्वास्थ्य से संबंधित जांच स्वैच्छिक तौर पर अवश्य करवानी चाहिए।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

2027 में कौन होगा हिमाचल का मुख्य मंत्री

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Facebook Instagram Twitter Youtube Whatsapp
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000