मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया डिजिटल गेट पास सिस्टम, जनता और सरकार के बीच बनेगा डिजिटल पुल – भारत केसरी टीवी

मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया डिजिटल गेट पास सिस्टम, जनता और सरकार के बीच बनेगा डिजिटल पुल

[मदन शर्मा ]

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मुख्यमंत्री ने जनता से मुलाकात को आसान बनाने के लिए डिजिटल गेट पास प्रणाली शुरू की

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· मुख्यमंत्री बोले- यह प्रणाली जनता और सरकार के बीच डिजिटल पुल का कार्य करेगी

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिलने की प्रक्रिया को सरल और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश सचिवालय में मौजूदा प्रवेश व्यवस्था के साथ डिजिटल गेट पास प्रणाली शुरू की गई है। यह ऑनलाइन प्रणाली स्वतः डाउनलोड होने योग्य डिजिटल गेट पास जारी करेगी, जिससे कागजी कार्यवाही की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। बिना पूर्व नियुक्ति के आने वाले आगंतुकों के लिए भी रिसेप्शन पर गेट पास जारी किए जा सकेंगे।

इस प्रणाली में ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण और आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन जैसी उन्नत पहचान सत्यापन सुविधाएं शामिल की गई हैं। सुरक्षा कर्मी डिजिटल गेट पास पर मौजूद बारकोड को स्कैन कर प्रवेश की पुष्टि करेंगे।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज “यूनिफाइड डिजिटल कैलेंडर एंड अपॉइंटमेंट मैनेजमेंट सिस्टम” नामक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य मुख्यमंत्री से मुलाकात और सरकारी बैठकों के समन्वय को अधिक प्रभावी बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए मुख्य इंटरफेस के रूप में कार्य करेगा और प्रदेशभर के सरकारी अधिकारियों के पेशेवर कैलेंडर प्रबंधन के लिए भी मजबूत व्यवस्था प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल जनता और सरकार के बीच एक डिजिटल पुल के रूप में कार्य करेगी, जिससे लोगों को सुविधाजनक और प्रभावी संवाद का माध्यम मिलेगा।

इस प्रणाली के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभाग एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बैठक अनुरोध भेज सकेंगे। बैठक स्वीकृत होने पर संबंधित अधिकारियों के डिजिटल कैलेंडर स्वतः अपडेट हो जाएंगे और विभागों को तुरंत सूचना भी मिल जाएगी।

इससे पहले सामान्य प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने दिल्ली स्थित हिमाचल भवन और हिमाचल सदन तथा चंडीगढ़ स्थित हिमाचल भवन में आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने और आगंतुकों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध करवाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन भवनों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सरकारी परिसरों के प्रबंधन और संचालन में पेशेवर दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि इस पहल को पायलट आधार पर हिमाचल भवन, दिल्ली से भी शुरू किया जाए।

दिल्ली में निर्माणाधीन हिमाचल निकेतन के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने परियोजना को 15 जून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को बुकिंग के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए क्यूआर कोड आधारित भुगतान सुविधा शुरू की जाए। यह सुविधा प्रदेशभर के सर्किट हाउस बुकिंग सिस्टम में भी लागू की जाएगी।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से जुड़े, जबकि प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव डॉ. अभिषेक जैन, राकेश कंवर और आशीष सिंहमार, निदेशक डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस डॉ. निपुण जिंदल, विशेष सचिव सामान्य प्रशासन हरबंस सिंह ब्रास्कॉन, उप सचिव सामान्य प्रशासन अनिल मनकोटिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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