उच्च शिक्षा को AI और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों से भविष्य के लिए तैयार करेगी सरकार: शिक्षा मंत्री – भारत केसरी टीवी

उच्च शिक्षा को AI और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों से भविष्य के लिए तैयार करेगी सरकार: शिक्षा मंत्री

[मदन शर्मा ]

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शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने प्रदेश में उच्च शिक्षा को भविष्य के अनुरूप, कौशल आधारित और तकनीक केंद्रित बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नए दौर के रोजगारपरक पाठ्यक्रमों, उभरती तकनीकों, शोध, खेल और विद्यार्थियों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

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शिक्षा मंत्री ने आज हिमाचल प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद (HPSHEC) की 9वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षण संस्थानों को पाठ्यक्रमों में निरंतर बदलाव और सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल वर्तमान रोजगार अवसरों के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की नौकरियों, तकनीकों और चुनौतियों के लिए भी तैयार किया जाना चाहिए।

उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग और शिक्षण संस्थानों को नए जमाने के व्यावसायिक एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने तथा बदलती तकनीक और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप मौजूदा पाठ्यक्रमों को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।

रोहित ठाकुर ने कहा कि AI अब भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि वर्तमान में काम और सीखने के तरीकों को बदलने वाली महत्वपूर्ण तकनीक बन चुकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि AI को केवल कुछ विशेष पाठ्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए अधिक से अधिक मौजूदा विषयों और व्यावसायिक कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जाए। कृषि एवं बागवानी में AI आधारित खेती और डेटा विश्लेषण, पर्यटन में डिजिटल एवं AI आधारित सेवाओं के साथ-साथ वानिकी, आपदा प्रबंधन, जलवायु अध्ययन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून, वित्तीय साक्षरता, सामाजिक कार्य, मनोविज्ञान, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी, खेल, आतिथ्य, कला, डिजाइन, संगीत, उद्यमिता और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी इसका उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, ड्रोन तकनीक, GIS, डिजिटल मार्केटिंग और उद्यमिता जैसे उभरते क्षेत्रों में भी रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाएं तलाशने को कहा।

शिक्षा मंत्री ने खेल और खेल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने संस्थानों को खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा स्पोर्ट्स साइंस, फिटनेस, न्यूट्रिशन और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।

उन्होंने हिमाचल और हिमालयी क्षेत्रों से जुड़े विषयों, जैसे जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, आपदा प्रबंधन, कृषि, बागवानी और सतत विकास पर शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। इसके लिए बेहतर शोध ढांचा, अधिक अनुदान, नवाचार एवं स्टार्टअप को प्रोत्साहन तथा इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और संयुक्त शोध के माध्यम से शिक्षण संस्थानों और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।

हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों के एकत्र होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को युवाओं की आकांक्षाओं और चिंताओं को समझते हुए उन्हें संवाद एवं सहयोग के उचित संस्थागत मंच उपलब्ध करवाने चाहिए। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में काउंसलिंग और छात्र सहायता व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, करियर मार्गदर्शन और समग्र विकास के लिए बेहतर सहयोग मिल सके।

शिक्षा मंत्री ने NEP-2020, RUSA/PM-USHA के तहत प्रगति की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तथा संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है और अब प्रदेश को आधुनिक, नवाचार आधारित तथा तकनीक संचालित शिक्षा व्यवस्था की दिशा में अगला कदम उठाना होगा।

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