सुबाथू के ऐतिहासिक गुग्गा माड़ी मैदान को बचाने के लिए क्षेत्रवासियों ने उठाई आवाज, निर्माण कार्य रोकने की मांग – भारत केसरी टीवी

सुबाथू के ऐतिहासिक गुग्गा माड़ी मैदान को बचाने के लिए क्षेत्रवासियों ने उठाई आवाज, निर्माण कार्य रोकने की मांग

मदन शर्मा

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सुबाथू,

 

सुबाथू छावनी क्षेत्र के ऐतिहासिक गुग्गा माड़ी मैदान को सुरक्षित रखने एवं प्रस्तावित निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर सुबाथू एवं आसपास की दस पंचायतों के जागरूक नागरिकों ने मुख्य अधिशासी अधिकारी (CEO), छावनी परिषद सुबाथू के माध्यम से उच्च अधिकारियों एवं केंद्र सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए एक सामूहिक मांग-पत्र सौंपा है।

 

मांग-पत्र में क्षेत्रवासियों ने कहा कि गुग्गा माड़ी मैदान केवल एक खाली भूमि का टुकड़ा नहीं, बल्कि सुबाथू की ऐतिहासिक विरासत, पहचान और सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। वर्ष 1947 से पहले से ही यह मैदान स्थानीय लोगों के मेलों, खेलकूद, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। आज भी यहां बच्चे खेलते हैं, युवा अपनी खेल प्रतिभा को निखारते हैं और बुजुर्ग अपना समय व्यतीत करते हैं।

 

क्षेत्रवासियों ने चिंता जताई कि सुबाथू छावनी परिषद के भविष्य को लेकर केंद्र सरकार के स्तर पर विलय अथवा पुनर्गठन की प्रक्रिया विचाराधीन है। ऐसे में जब तक इस संबंध में अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक मैदान में किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण करना उचित नहीं होगा।

 

मांग-पत्र में पांच प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें प्रस्तावित निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित करना, छावनी क्षेत्र के लगभग 500 परिवारों एवं आसपास की दस पंचायतों की भावनाओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाना, भविष्य में बनने वाली स्थानीय निकाय के माध्यम से मैदान को सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित रखने पर विचार करना, स्थायी निर्णय से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से परामर्श करना तथा स्थानीय निवासियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों की संयुक्त जनसमिति गठित कर रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करवाना शामिल है।

 

नागरिकों ने यह भी कहा कि छावनी परिषद द्वारा पूर्व में इसी मैदान में नशामुक्ति क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जो इस बात का प्रमाण है कि यह मैदान युवाओं को खेलों के माध्यम से सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे समय में जब सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है, क्षेत्र के एकमात्र उपलब्ध खेल मैदान को समाप्त करना उचित नहीं होगा।

 

क्षेत्रवासियों ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य, बच्चों के खेल अधिकार और सुबाथू की ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए है।

 

उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मैदान की वर्तमान स्थिति यथावत रखी जाए तथा किसी भी स्थायी निर्णय से पहले स्थानीय लोगों की राय को प्राथमिकता दी जाए।

 

क्षेत्रवासियों का कहना है कि गुग्गा माड़ी मैदान केवल जमीन नहीं, बल्कि सुबाथू की पहचान, इतिहास और आने वाली पीढ़ियों की विरासत है। इसे बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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