“रिकांग पियो से 100 युवा प्रतिभागियों को मिली हरी झंडी, विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत 20 सीमावर्ती गांवों में बिताएंगे 7 दिन” – भारत केसरी टीवी

“रिकांग पियो से 100 युवा प्रतिभागियों को मिली हरी झंडी, विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत 20 सीमावर्ती गांवों में बिताएंगे 7 दिन”

[ MADAN SHARMA]

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रिकांग पियो, किन्नौर | 06 जून 2026

 

माई भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सहयोग से आयोजित “विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2026” आज एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर गया, जब 100 युवा प्रतिभागियों को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर एवं लाहौल-स्पीति जिलों के सीमावर्ती गांवों के लिए रवाना किया गया।

 

देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व कर रहे इन प्रतिभागियों ने 03 जून से 05 जून 2026 तक आईटीबीपी बेस कैंप, रिकांग पियो में आयोजित तीन दिवसीय अनुकूलन (Acclimatization) एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। इस अवधि के दौरान आईटीबीपी द्वारा आवास, भोजन, चिकित्सा सहायता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही उद्घाटन समारोह, स्वास्थ्य परीक्षण, खेल प्रतियोगिताएं, जागरूकता सत्र, सांस्कृतिक संवाद तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

 

दिनांक 06 जून 2026 को प्रातः 9:00 बजे आईटीबीपी बेस कैंप, रिकांग पियो से प्रतिभागियों को लेकर जाने वाली पांच बसों को उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा, कमांडेंट आईटीबीपी श्री सुनील कुमार तथा सहायक आयुक्त श्री विपन ठाकुर द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन प्रतिभागियों को किन्नौर एवं लाहौल-स्पीति जिलों के पांच क्लस्टरों में स्थित 20 सीमावर्ती गांवों में भेजा गया है।

 

आगामी सात दिनों तक प्रतिभागी इन गांवों में रहकर स्थानीय समुदायों के जीवन को निकटता से समझेंगे। उन्हें सीमावर्ती क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, रीति-रिवाजों, आजीविका के साधनों तथा सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को प्रत्यक्ष रूप से जानने का अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम युवाओं में सीमांत क्षेत्रों के प्रति समझ विकसित करने तथा राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना को सुदृढ़ करने का कार्य करेगा।

 

गांवों में प्रवास के दौरान प्रतिभागी विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों में भाग लेंगे, जिनमें स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण अभियान, खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जन-जागरूकता अभियान, स्थानीय निवासियों के साथ संवाद तथा सामुदायिक सेवा गतिविधियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को ग्राम पंचायतों, ग्राम सभाओं एवं स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर भी प्राप्त होगा, जिससे उन्हें जमीनी स्तर पर लोकतंत्र एवं ग्रामीण विकास की प्रक्रियाओं की बेहतर जानकारी मिल सकेगी।

 

प्रतिभागियों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक गांव में आईटीबीपी के दो जवान तैनात किए गए हैं, जबकि आईटीबीपी की चिकित्सा टीम चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके।

 

कार्यक्रम के अंतर्गत आईटीबीपी द्वारा हथियार प्रदर्शन (Weapon Demonstration), ट्रेकिंग अभियान तथा लेचा एवं शिपकी ला दर्रे के शैक्षणिक भ्रमण भी आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को सीमावर्ती क्षेत्रों के जीवन, वहां की चुनौतियों तथा देश की सुरक्षा में सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा।

 

विकसित भारत–वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2026 एक अनूठी पहल है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों से जोड़ना, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा सीमावर्ती गांवों के सामरिक एवं विकासात्मक महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। माई भारत एवं आईटीबीपी के संयुक्त प्रयासों से यह कार्यक्रम युवाओं को विकसित, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहा है।

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