पंचायत चौकीदारों के लिए सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला, आवश्यक सेवाकाल पूरा करने वालों की होंगी सेवाएं नियमित – भारत केसरी टीवी

पंचायत चौकीदारों के लिए सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला, आवश्यक सेवाकाल पूरा करने वालों की होंगी सेवाएं नियमित

[ MADAN SHARMA]

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मुख्यमंत्री ने पंचायत चौकीदारों के सम्मेलन को किया संबोधित

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शिमला, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला के चौड़ा मैदान में पंचायत चौकीदार यूनियन द्वारा आयोजित सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायत चौकीदारों की लंबे समय से लंबित मांगों के प्रति सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवाकाल पूरा कर चुके पंचायत चौकीदारों की सेवाओं को नियमित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार पंचायत चौकीदारों के हितों और कल्याण के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है।

 

उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट में सरकार ने पंचायत चौकीदारों के मानदेय में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया था। 500 रुपये की बढ़ोतरी के बाद अब पंचायत चौकीदारों को 9,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। राज्य के संसाधनों से समाज के सभी वर्गों को लाभ मिले, इसके लिए दीर्घकालिक निर्णय लिए जा रहे हैं और उन्हें लागू किया जा रहा है। सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए नियमों और कानूनों में आवश्यक संशोधन भी किए जा रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार की गुंजाइश पैदा करने वाली कमियों को दूर किया है और 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है। हिमाचल प्रदेश के जलविद्युत परियोजनाओं में उचित हिस्से का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले संसाधनों पर नियंत्रण हासिल करेगा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा।

 

ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) प्रदान करने का निर्णय राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ओपीएस को बंद करने की योजना बना रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रही है। पूरे प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादित गेहूं के लिए 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की के लिए 50 रुपये प्रति किलोग्राम और कच्ची हल्दी के लिए 150 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है।

 

इसके अलावा, सरकार द्वारा गाय के दूध के लिए 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है।

 

सम्मेलन को इंटक के उपाध्यक्ष पूरन चंद और पंचायत चौकीदार यूनियन (इंटक) के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम वर्धन ने भी संबोधित किया।

 

इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह तथा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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