जीरो एनरोलमेंट वाले स्कूल बंद होते ही खत्म होंगी SMC शिक्षकों की सेवाएं – भारत केसरी टीवी

जीरो एनरोलमेंट वाले स्कूल बंद होते ही खत्म होंगी SMC शिक्षकों की सेवाएं

[ मदन शर्मा]

Advertisement

 

Advertisement

हिमाचल प्रदेश में जीरो या बेहद कम एनरोलमेंट वाले स्कूलों को बंद या मर्ज करने की प्रक्रिया के बीच सरकार ने एसएमसी अध्यापकों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार ने स्कूल शिक्षा निदेशक को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जिन स्कूलों को विद्यार्थियों की संख्या शून्य होने के कारण बंद किया जा रहा है, वहां कार्यरत एसएमसी अध्यापकों को किसी अन्य स्कूल में सेवाएं जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार की ओर से जारी पत्र में यह भी जिक्र किया गया है कि कई बंद या मर्ज किए स्कूलों में सेवाएं देने वाले अध्यापकों को स्कूल शिक्षा निदेशक अपने स्तर पर अन्य स्कूलों में सेवाओं पर तैनाती दे रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है। स्कूल बंद होते ही संबंधित स्कूल प्रबंधन समितियां (एसएमसी) स्वतः समाप्त मानी जाएंगी और उनके द्वारा नियुक्त अध्यापकों का कार्यकाल भी खत्म हो जाएगा। विभाग ने अधिकारियों को जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाकर ऐसे स्कूलों की जांच करने और नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा है कि यदि कोई एसएमसी अध्यापक बंद हो चुके स्कूल से हटने के बाद किसी अन्य स्कूल में सेवाएं दे रहा है तो उसकी तुरंत जांच कर कार्रवाई की जाए।

 

बताया जा रहा कि प्रदेशभर में ऐसे कई मामले सामने आए थे, जहां जीरो एनरोलमेंट के कारण स्कूल बंद होने के बाद भी एसएमसी अध्यापक अन्य स्कूलों में पढ़ा रहे थे। कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर उन्हें अस्थायी रूप से समायोजित करने के प्रयास भी किए गए थे। इसी को देखते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि एसएमसी अध्यापकों की नियुक्ति संबंधित स्कूल की एसएमसी की ओर से सीमित अवधि और आवश्यकता के आधार पर की जाती हैं। ऐसे में स्कूल बंद होने और समिति समाप्त होने के बाद उनकी नियुक्ति स्वतः निरस्त मानी जाएगी। सरकार ने कहा है कि एसएमसी अध्यापक नियमित या अनुबंध आधार पर नियुक्त कर्मचारी नहीं हैं। इसलिए उन्हें अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित या समायोजित करने का कोई प्रावधान नहीं है।

 

एसएमसी शिक्षकों को लेकर जारी आदेशों के संबंध में सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं। जिन स्कूलों में ऐसी नियुक्तियां हुई, वे आदेश को ध्यान में रखकर तत्काल प्रभाव से सेवाओं को समाप्त करें। – सोमलाल धीमान, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग ऊना

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

2027 में कौन होगा हिमाचल का मुख्य मंत्री

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Facebook Instagram Twitter Youtube Whatsapp
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000