गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में ‘सी टी एवं एआई : वास्तविक जीवन परिप्रेक्ष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित – भारत केसरी टीवी

गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में ‘सी टी एवं एआई : वास्तविक जीवन परिप्रेक्ष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

[ MADAN SHARMA]

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दिनांक 6 जून , को गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में शिक्षकों को आधुनिक शैक्षिक तकनीकों, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों तथा भविष्य उन्मुख शिक्षा के प्रति जागरूक एवं दक्ष बनाने के उद्देश्य से ‘सी टी एवं एआई : वास्तविक जीवन परिप्रेक्ष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में गुरुकुल इंटरनेशनल के शिक्षकों के साथ-साथ क्षेत्र के अन्य विद्यालयों के शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम को और अधिक सार्थक एवं प्रभावशाली बनाया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों में सी टी (कम्प्यूटेशनल थिंकिंग) एवं एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के प्रति गहन समझ विकसित करना तथा शिक्षा एवं दैनिक जीवन में इनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों से परिचित कराना था। कार्यक्रम के दौरान तार्किक चिंतन, विश्लेषणात्मक सोच, समस्या-समाधान क्षमता, रचनात्मकता तथा नवाचार आधारित शिक्षण दृष्टिकोण को विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।

कार्यशाला के मुख्य संसाधन व्यक्तियों के रूप में प्रो. डॉ. पंकज वैद्य एवं डॉ. अनुराग राणा उपस्थित रहे। दोनों विशेषज्ञों ने अपने ज्ञान, अनुभव एवं प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, डीप लर्निंग तथा कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की अवधारणाओं से विस्तारपूर्वक परिचित कराया। विभिन्न गतिविधियों, उदाहरणों, संवादात्मक सत्रों एवं व्यावहारिक प्रदर्शनों के माध्यम से उन्होंने बताया कि किस प्रकार एआई आधारित उपकरणों और तकनीकों का उपयोग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रचनात्मक, व्यक्तिगत तथा विद्यार्थी-केंद्रित बनाने में किया जा सकता है।

 

कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिभागी शिक्षकों ने कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं व्यावहारिक बताया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि भविष्य की स्मार्ट, समावेशी एवं सशक्त शिक्षा व्यवस्था के निर्माण हेतु शिक्षकों को नई तकनीकों से सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं परिवर्तनकारी साधन सिद्ध हो सकती है।

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