दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा पाँच दिवसीय भगवान शिव कथा अमृत के द्वितीय दिवस सती दहन प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन – भारत केसरी टीवी

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा पाँच दिवसीय भगवान शिव कथा अमृत के द्वितीय दिवस सती दहन प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन

MADAN SHARMA

Advertisement

 

Advertisement

कंडाघाट(सोलन)। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा न्यू धर्मशाला कंडाघाट जिला सोलन में आयोजित पाँच दिवसीय भगवान शिव कथा अमृत के द्वितीय दिवस दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या कथा व्यास साध्वी सुश्री श्वेता भारती जी ने सती दहन प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को इस प्रसंग के माध्यम से अहंकार के त्याग, प्रकृति के संरक्षण और आध्यात्मिक जीवन के महत्व से अवगत करवाया।

साध्वी सुश्री श्वेता भारती जी ने कहा कि प्रजापति दक्ष अहंकार का प्रतीक है। अहंकार के वशीभूत होकर मनुष्य प्रभु के वास्तविक स्वरूप को पहचान नहीं पाता। भगवान शिव द्वारा प्रजापति दक्ष का शिरोच्छेदन करने की लीला आध्यात्मिक दृष्टि से जीवात्मा के अहंकार के मर्दन का संदेश देती है। जब तक मनुष्य के भीतर अहंकार विद्यमान रहता है, तब तक वह परमात्मा के सत्य स्वरूप को जानने में असमर्थ रहता है।

सती माता द्वारा देह त्याग के पश्चात भगवान शिव का क्रोध स्वरूप में तांडव करना भी एक गहरा संदेश प्रदान करता है। साध्वी जी ने कहा कि जिस प्रकार प्रजापति दक्ष ने अहंकारवश सती माता का अपमान किया, उसी प्रकार आज मनुष्य भी अपने स्वार्थ और अहंकार के कारण प्रकृति रूपी माता का अपमान कर रहा है। प्रकृति का अनावश्यक दोहन और पर्यावरण के प्रति लापरवाही मानव जीवन के लिए गंभीर संकट उत्पन्न कर रही है।

वर्तमान समय में पर्यावरण संकट, ग्लोबल वार्मिंग, बढ़ता तापमान और जलस्तर में कमी जैसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए साध्वी जी ने कहा कि प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ने का परिणाम अंततः मानव समाज को ही भुगतना पड़ता है। इसलिए मनुष्य को प्रकृति के प्रति अपने व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा और उसके संरक्षण के लिए जिम्मेदारी निभानी होगी।

उन्होंने कहा कि आज मनुष्य अपनी भोग प्रवृत्ति के कारण समस्त संसार को एक बाजार के रूप में देखने लगा है, जबकि हमारी आध्यात्मिक संस्कृति हमें यह शिक्षा देती है कि पूरा संसार एक परिवार है। ईश्वर ने मानव को रहने के लिए पृथ्वी रूपी घर प्रदान किया है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपने इस घर को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाए रखने में योगदान है।

साध्वी जी ने जानकारी दी कि दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से ‘संरक्षण’ प्रकल्प चलाया जा रहा है। इस प्रकल्प के माध्यम से नुक्कड़ नाटकों, जागरूकता रैलियों और व्याख्यानों के जरिए लोगों को पर्यावरण संकट के प्रति जागरूक किया जाता है। इसका उद्देश्य समाज को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।

कथा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारे एवं प्रसाद की व्यवस्था भी की जा रही है अंत में प्रभु की पावन एवं मंगलमय आरती में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमेश ठाकुर, वाइस चेयरमैन इंडस्ट्रियल डिपार्टमेंट अनुराग शर्मा,सुरिंदर साहनी,सुरेश कुमार गर्ग,रमेश वर्मा, सुरिंदर मोहन सेठी ने परिवार सहित हिस्सा लिया।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

2027 में कौन होगा हिमाचल का मुख्य मंत्री

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Facebook Instagram Twitter Youtube Whatsapp
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000