शिमला की 23 पैक्स समितियों के कम्प्यूटरीकरण की सिफारिश, सहकारी क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को मिलेगी गति – भारत केसरी टीवी

शिमला की 23 पैक्स समितियों के कम्प्यूटरीकरण की सिफारिश, सहकारी क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को मिलेगी गति

[मदन शर्मा]

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पैक्स का कम्प्यूटरीकरण सहकारी क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – उपायुक्त 
डीएलआईएमसी ने चरण-III के तहत 23 पात्र पैक्स/एम-पैक्स के कम्प्यूटरीकरण की सिफारिश की
उपायुक्त एवं जिला स्तरीय कार्यान्वयन एवं निगरानी समिति (DLIMC) की बैठक आज यहां उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (PACS) के कंप्यूटरीकरण हेतु केंद्र प्रायोजित परियोजना के अंतर्गत चरण-III के लिए पात्र समितियों के चयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य पैक्स का पूर्ण कम्प्यूटरीकरण कर उन्हें आधुनिक डिजिटल प्रणाली से जोड़ना है। परियोजना के तहत हार्डवेयर उपलब्ध करवाना, व्यापक ईआरपी (ERP) सॉफ्टवेयर, प्रशिक्षण, हैंड होल्डिंग सहायता, रखरखाव तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जिससे पैक्स की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, दक्ष एवं नागरिक हितैषी बन सके।
बैठक में अवगत कराया गया कि जिला शिमला में कुल 200 प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियां (PACS) पंजीकृत हैं, जिनमें से 49 समितियां निष्क्रिय हैं। पूर्व में जिला स्तरीय समिति द्वारा 99 समितियों की कम्प्यूटरीकरण के लिए अनुशंसा की जा चुकी है। इनमें 30 पैक्स चरण-I तथा 69 पैक्स चरण-II के अंतर्गत शामिल हैं। इनमें से 96 पैक्स ई-पैक्स (e-PACS) के रूप में तैयार हो चुके हैं और उन्हें हैंडओवर प्रमाण-पत्र भी जारी किए जा चुके हैं।
सहायक पंजीयक, सहकारी समितियां, शिमला एवं जुब्बल द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर समिति ने 12 पैक्स/एम-पैक्स तथा 11 पैक्स/एम-पैक्स सहित कुल 23 पात्र पैक्स/एम-पैक्स को चरण-III के अंतर्गत कम्प्यूटरीकरण के लिए राज्य स्तरीय कार्यान्वयन एवं निगरानी समिति (SLIMC) को अनुशंसित करने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त नवगठित 4 एम-पैक्स के प्रस्ताव भी आगामी चरण में विचारार्थ शामिल किए जाएंगे।
बैठक में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि पैक्स का कम्प्यूटरीकरण सहकारी क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे समितियों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं प्रभावी बनेगी तथा किसानों एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को आधुनिक एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध होंगी।
बैठक में राजेश्वर सिंह एजीएम हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक, श्याम हेटा वरिष्ठ प्रबंधक सहकारी बैंक, कंचन लता सहायक पंजीयक सहकारी समितियां, विवेक डीडीएम नाबार्ड सहित गौरी शंकर और हरि चंद विशेष तौर उपस्थित रहे।

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