मुख्यमंत्री सुक्खू ने ‘हिमाचल प्रदेश के जल कानून’ संकलन का किया विमोचन, जल शक्ति विभाग के सभी नियम-कानून अब एक ही पुस्तक में – भारत केसरी टीवी

मुख्यमंत्री सुक्खू ने ‘हिमाचल प्रदेश के जल कानून’ संकलन का किया विमोचन, जल शक्ति विभाग के सभी नियम-कानून अब एक ही पुस्तक में

[MADAN SHARMA]

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शिमला,

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को ‘हिमाचल प्रदेश के जल कानून (Water Laws of Himachal Pradesh)’ नामक संकलन का विमोचन किया। यह जल शक्ति विभाग द्वारा पहली बार तैयार किया गया व्यापक संकलन है, जिसमें विभाग से संबंधित सभी प्रमुख अधिनियम, नियम, नीतिगत अधिसूचनाएं, तकनीकी मैनुअल और प्रशासनिक परिपत्रों को एक ही पुस्तक में समाहित किया गया है।

 

इस संकलन का संपादन एवं संकलन जल शक्ति विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन, शिमला जोन के मुख्य अभियंता ई. मुकेश हीरा तथा अधीक्षण अभियंता ई. विजय कश्यप ने किया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संकलन अधिकारियों, अभियंताओं, ठेकेदारों और आम नागरिकों के लिए एक प्रामाणिक संदर्भ दस्तावेज साबित होगा। इससे जलापूर्ति, सीवरेज और सिंचाई सेवाओं के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ेगी।

 

उन्होंने जल शक्ति विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कई दशकों में विकसित कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक प्रावधानों को एक स्थान पर लाना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे विभिन्न मंडलों, वृत्तों और जोनों में कार्यरत अधिकारियों को निर्णय लेने में सुविधा मिलेगी और संस्थागत व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जल जीवन मिशन के सफल क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां 99.9 प्रतिशत घरों तक नल से जल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्ष 2026 में राज्य को राष्ट्रीय जल पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है, जो सतत जल प्रबंधन और बेहतर जनसेवा का प्रमाण है।

 

उन्होंने बताया कि इस संकलन में अधिनियम एवं नीतियां, संचालन दिशा-निर्देश, जल शुल्क, वित्तीय अधिकार, टेंडर प्रक्रिया, कानूनी प्रावधान, न्यायालयीन मामलों, जल गुणवत्ता परीक्षण तथा अन्य प्रशासनिक विषयों को अलग-अलग खंडों में व्यवस्थित किया गया है। इससे विभाग के कानूनी और प्रक्रियागत ढांचे की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संकलन अधिकारियों को कानूनों के अनुरूप बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा। वहीं ठेकेदारों को पंजीकरण, टेंडर प्रक्रिया और वित्तीय स्वीकृति संबंधी नियमों की स्पष्ट जानकारी मिलेगी। आम नागरिकों को भी जल शुल्क, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत मिलने वाली सेवाओं तथा मान्यता प्राप्त जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी।

 

उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल सुशासन को मजबूत करने, जनसेवाओं में सुधार लाने और जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, जल शक्ति विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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