पद अस्थायी, कार्यकर्ता की पहचान स्थायी होती है : संजय टंडन पद के पीछे नहीं, दायित्व निभाने के पीछे भागे कार्यकर्ता; ऐसे लोगों को पार्टी स्वयं आगे बढ़ाती है : संजय टंडन – भारत केसरी टीवी

पद अस्थायी, कार्यकर्ता की पहचान स्थायी होती है : संजय टंडन पद के पीछे नहीं, दायित्व निभाने के पीछे भागे कार्यकर्ता; ऐसे लोगों को पार्टी स्वयं आगे बढ़ाती है : संजय टंडन

पद अस्थायी, कार्यकर्ता की पहचान स्थायी होती है : संजय टंडन

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पद के पीछे नहीं, दायित्व निभाने के पीछे भागे कार्यकर्ता; ऐसे लोगों को पार्टी स्वयं आगे बढ़ाती है : संजय टंडन

धर्मशाला। शिमला ब्यूरो सुभाष शर्मा।    08/07/2026

 

 

 

भाजपा प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन ने कांगड़ा जिला के प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ता ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि पार्टी में पद समय के साथ बदल सकते हैं, लेकिन एक कार्यकर्ता की पहचान कभी समाप्त नहीं होती। कार्यकर्ता सदैव सक्रिय रहता है और संगठन के प्रति उसका समर्पण ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी है।

संजय टंडन ने कहा कि संगठन में कई लोग पूर्व अध्यक्ष, पूर्व सांसद या पूर्व विधायक हो सकते हैं, लेकिन कोई भी व्यक्ति कभी पूर्व कार्यकर्ता नहीं हो सकता। कार्यकर्ता जीवनभर संगठन का अभिन्न अंग रहता है और यही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि भाजपा का संगठन कार्यकर्ताओं के समर्पण और अनुशासन के कारण विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बना है।

उन्होंने प्रशिक्षण वर्ग में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को संगठन की कार्यपद्धति, कार्यालय व्यवस्था, कार्यक्रमों, संगठनात्मक संरचना, वित्तीय अनुशासन तथा पार्टी की कार्यसंस्कृति का समुचित ज्ञान होना चाहिए। संगठन की मजबूती केवल पदों से नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं की सक्रियता, जिम्मेदारी और समर्पण से सुनिश्चित होती है।

भाजपा प्रदेश सह प्रभारी ने कहा कि अनेक लोग संगठन में पद प्राप्त करने की इच्छा रखते हैं, लेकिन भाजपा की कार्यशैली पद की नहीं बल्कि दायित्व निभाने की संस्कृति पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने दायित्वों को ईमानदारी, निष्ठा और क्षमता के साथ निभाता है, संगठन स्वयं ऐसे कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का कार्य करता है।

संजय टंडन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में पद सम्मान का विषय अवश्य है, लेकिन उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण संगठन के प्रति समर्पण और जिम्मेदारियों का निर्वहन है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे पद की अपेक्षा सेवा, संगठन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें तथा पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें।

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