बिलासपुर। मंडी भराड़ी पुल पर दिनदहाड़े एक व्यक्ति पर डंडों और कुल्हाड़ियों से हुए हमले के बाद सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और जिले में गैंगवार, माफिया गतिविधियों और हिंसक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बहाल करने की मांग की।त्रिलोक जमवाल ने कहा कि भराड़ी पुल पर हुई घटना कोई अलग-थलग मामला नहीं है, बल्कि यह पिछले कुछ वर्षों से जिले में सामने आ रही घटनाओं की कड़ी है। उनका आरोप है कि रेलवे परियोजना के दौरान रेत-बजरी की ढुलाई से जुड़े विवादों के समय से गैंगवार की शुरुआत हुई और उसके बाद बिलासपुर में दिनदहाड़े गोलीकांड, मारपीट और अन्य गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आती रहीं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से जिले की शांतिपूर्ण छवि को गहरा नुकसान पहुंचा है। आरोप लगाया कि बिलासपुर में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, चिट्टा माफिया, वन माफिया, रेत-बजरी माफिया और टोकन माफिया सक्रिय हो चुके हैं। उनका कहना था कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान जिले में कई गंभीर आपराधिक घटनाएं हुई हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल बना है।सदर विधायक ने कहा कि भराड़ी हमले के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में घायल व्यक्ति द्वारा पूर्व विधायक बंबर ठाकुर का नाम लिए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि जब विभिन्न घटनाओं में बार-बार एक ही नाम सामने आता है तो इसकी निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिले में हुई पूर्व की घटनाओं में भी इसी नाम की चर्चा होती रही है। कहा कि प्रदेश में सरकार और बिलासपुर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग स्वयं को कानून से ऊपर समझने लगे हैं, जबकि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। जमवाल ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि बिलासपुर में बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों पर तत्काल अंकुश लगाया जाए, गैंगवार और माफिया नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और हालिया हमले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत कर लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना होना चाहिए। – भारत केसरी टीवी

बिलासपुर। मंडी भराड़ी पुल पर दिनदहाड़े एक व्यक्ति पर डंडों और कुल्हाड़ियों से हुए हमले के बाद सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और जिले में गैंगवार, माफिया गतिविधियों और हिंसक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बहाल करने की मांग की।त्रिलोक जमवाल ने कहा कि भराड़ी पुल पर हुई घटना कोई अलग-थलग मामला नहीं है, बल्कि यह पिछले कुछ वर्षों से जिले में सामने आ रही घटनाओं की कड़ी है। उनका आरोप है कि रेलवे परियोजना के दौरान रेत-बजरी की ढुलाई से जुड़े विवादों के समय से गैंगवार की शुरुआत हुई और उसके बाद बिलासपुर में दिनदहाड़े गोलीकांड, मारपीट और अन्य गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आती रहीं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से जिले की शांतिपूर्ण छवि को गहरा नुकसान पहुंचा है। आरोप लगाया कि बिलासपुर में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, चिट्टा माफिया, वन माफिया, रेत-बजरी माफिया और टोकन माफिया सक्रिय हो चुके हैं। उनका कहना था कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान जिले में कई गंभीर आपराधिक घटनाएं हुई हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल बना है।सदर विधायक ने कहा कि भराड़ी हमले के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में घायल व्यक्ति द्वारा पूर्व विधायक बंबर ठाकुर का नाम लिए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि जब विभिन्न घटनाओं में बार-बार एक ही नाम सामने आता है तो इसकी निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिले में हुई पूर्व की घटनाओं में भी इसी नाम की चर्चा होती रही है। कहा कि प्रदेश में सरकार और बिलासपुर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग स्वयं को कानून से ऊपर समझने लगे हैं, जबकि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। जमवाल ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि बिलासपुर में बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों पर तत्काल अंकुश लगाया जाए, गैंगवार और माफिया नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और हालिया हमले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत कर लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना होना चाहिए।

शिमला बिलासपुर। ब्यूरो सुभाष शर्मा।    08/07/2026

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मंडी भराड़ी पुल पर दिनदहाड़े एक व्यक्ति पर डंडों और कुल्हाड़ियों से हुए हमले के बाद सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और जिले में गैंगवार, माफिया गतिविधियों और हिंसक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बहाल करने की मांग की।त्रिलोक जमवाल ने कहा कि भराड़ी पुल पर हुई घटना कोई अलग-थलग मामला नहीं है, बल्कि यह पिछले कुछ वर्षों से जिले में सामने आ रही घटनाओं की कड़ी है। उनका आरोप है कि रेलवे परियोजना के दौरान रेत-बजरी की ढुलाई से जुड़े विवादों के समय से गैंगवार की शुरुआत हुई और उसके बाद बिलासपुर में दिनदहाड़े गोलीकांड, मारपीट और अन्य गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आती रहीं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से जिले की शांतिपूर्ण छवि को गहरा नुकसान पहुंचा है। आरोप लगाया कि बिलासपुर में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, चिट्टा माफिया, वन माफिया, रेत-बजरी माफिया और टोकन माफिया सक्रिय हो चुके हैं। उनका कहना था कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान जिले में कई गंभीर आपराधिक घटनाएं हुई हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल बना है।सदर विधायक ने कहा कि भराड़ी हमले के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में घायल व्यक्ति द्वारा पूर्व विधायक बंबर ठाकुर का नाम लिए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि जब विभिन्न घटनाओं में बार-बार एक ही नाम सामने आता है तो इसकी निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिले में हुई पूर्व की घटनाओं में भी इसी नाम की चर्चा होती रही है। कहा कि प्रदेश में सरकार और बिलासपुर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग स्वयं को कानून से ऊपर समझने लगे हैं, जबकि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। जमवाल ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि बिलासपुर में बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों पर तत्काल अंकुश लगाया जाए, गैंगवार और माफिया नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और हालिया हमले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत कर लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना होना चाहिए।

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