राम मंदिर चंदा घोटाले के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, सीएम सुक्खू बोले—’भगवान राम के नाम पर राजनीति नहीं, सेवा और ईमानदारी होनी चाहिए – भारत केसरी टीवी

राम मंदिर चंदा घोटाले के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, सीएम सुक्खू बोले—’भगवान राम के नाम पर राजनीति नहीं, सेवा और ईमानदारी होनी चाहिए

[मदन शर्मा]

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राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे के कथित दुरुपयोग के विरोध में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार को शिमला में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इंदिरा गांधी खेल परिसर से राम बाजार स्थित राम मंदिर तक विरोध मार्च निकाला और नारेबाजी की।

विरोध प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्यों और विधायकों ने राम मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा हवन में भाग लिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि भाजपा ने राम मंदिर को राजनीति का विषय बना दिया है, जबकि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था और सामर्थ्य के अनुसार मंदिर निर्माण के लिए उदारतापूर्वक दान दिया। उन्होंने कहा कि जब मंदिर निर्माण के लिए उनसे सहयोग मांगा गया था, तब उन्होंने भी श्रद्धापूर्वक योगदान दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के समय पूरे देश में आधे दिन का अवकाश घोषित किया गया था, लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार ने भगवान राम के प्रति प्रदेशवासियों की गहरी आस्था को देखते हुए पूरे दिन का अवकाश घोषित किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्श सरकार को सदैव प्रेरित करते हैं और उनकी मर्यादाओं को सार्वजनिक जीवन में अपनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भगवान राम के सच्चे भक्त कभी उनके नाम का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग नहीं करते, क्योंकि उनका सबसे बड़ा संदेश मानवता की सेवा है।

मुख्यमंत्री ने राम मंदिर में प्राप्त चंदे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मंदिर के उद्घाटन के बाद देशभर से श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था के साथ धन और आभूषण दान किए, लेकिन जिन लोगों ने इन दानों का दुरुपयोग किया, उन्होंने करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि जब भी लोगों की आस्था को ठेस पहुंचती है, पूरा देश उसके खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होता है।

उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों ने राम मंदिर में प्रार्थना की है कि मंदिर के चंदे का दुरुपयोग करने वालों को भगवान सद्बुद्धि दें। उन्होंने कहा कि भगवान राम और धर्म के नाम पर राजनीति करने या चंदा जुटाने वालों को पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर निर्माण की दिशा में प्रक्रिया शुरू कराने का पहला श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जाता है, जिनके कार्यकाल में राम जन्मभूमि स्थल के ताले खोले गए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भगवान राम में गहरी आस्था रखती है, लेकिन धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग करने में विश्वास नहीं करती। कांग्रेस सभी धर्मों का सम्मान करती है और भगवान राम के आदर्शों पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि भाजपा केवल उनके नाम पर राजनीति करती है।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने जाखू मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और हनुमान चालीसा का पाठ किया।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, टीसीपी मंत्री राजेश धर्माणी, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक हरीश जनारथा, विनोद सुल्तानपुरी और सुदर्शन बबलू, प्रदेश कांग्रेस महासचिव विनोद जिंटा, महापौर सुरेंद्र चौहान, उपमहापौर उमा कौशल सहित कांग्रेस संगठन के पदाधिकारी, विभिन्न बोर्ड-निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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