शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधारों की तैयारी, कॉलेजों में शुरू होंगे अप्रेंटिसशिप आधारित डिग्री और नए बी.वोक. कोर्स : रोहित ठाकुर – भारत केसरी टीवी

शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधारों की तैयारी, कॉलेजों में शुरू होंगे अप्रेंटिसशिप आधारित डिग्री और नए बी.वोक. कोर्स : रोहित ठाकुर

[मदन शर्मा ]

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शिक्षा मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में चल रहे प्रमुख सुधारों की प्रगति की समीक्षा की

• कॉलेजों में शुरू होंगे अप्रेंटिसशिप आधारित डिग्री कार्यक्रम और नए बी.वोक. पाठ्यक्रम : शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज यहां शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और शिक्षा क्षेत्र में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों एवं सुधारों की प्रगति का जायजा लिया।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार स्नातक डिग्री पूरी कर चुके विद्यार्थियों के लिए अप्रेंटिस एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम शुरू करने की योजना बना रही है। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न उद्योगों में कार्य करने के अवसर मिलेंगे और उन्हें स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा। इससे उनके कौशल में वृद्धि होगी तथा रोजगार की संभावनाएं बेहतर होंगी।

उन्होंने कहा कि सरकार कॉलेज स्तर पर विदेशी भाषा पाठ्यक्रम शुरू करने की भी योजना बना रही है, जिससे विद्यार्थियों को वैश्विक भाषाओं का ज्ञान मिलेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

बी.वोक. (Bachelor of Vocation) कार्यक्रम की सफलता का उल्लेख करते हुए रोहित ठाकुर ने कहा कि इसे विद्यार्थियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। इसी को देखते हुए सरकार इस योजना के अंतर्गत चार नए पाठ्यक्रम शुरू करने पर विचार कर रही है।

उन्होंने बताया कि बजट घोषणा के अनुरूप शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत एसएमसी शिक्षकों, मिड-डे मील कर्मियों, वाटर कैरियर्स, कंप्यूटर शिक्षकों तथा मल्टी-टास्क वर्कर्स के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (एचपीबीओएसई) की परीक्षाओं में विद्यार्थियों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि दसवीं और बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणामों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी जा सकती है। उन्होंने बायोमेट्रिक उपस्थिति को नियमित बनाने पर भी जोर दिया तथा लगातार अनुपालन न करने की स्थिति में वेतन कटौती पर विचार करने की बात कही।

मंत्री ने बताया कि एलडीआर श्रेणी के तहत 1,131 विभिन्न वर्गों के एसएमसी शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। 714 पीजीटी और 102 डीपीई पदों के लिए एलडीआर प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी, जबकि कंप्यूटर शिक्षकों के लिए आरएंडपी नियमों में आवश्यक संशोधन के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को राज्य चयन आयोग और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजे गए हजारों रिक्त शिक्षकीय पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि बजट घोषणा के अनुसार विद्यालयों में व्यावसायिक विषय के रूप में बागवानी (हॉर्टिकल्चर) शुरू की जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से बागवानी प्रधान क्षेत्रों में इस कार्यक्रम का विस्तार करने के निर्देश दिए।

विद्यार्थियों को टैबलेट वितरण की समीक्षा करते हुए मंत्री ने प्रक्रिया में तेजी लाने तथा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि पात्र विद्यार्थी अपनी पसंद के उपकरण खरीद सकें। उन्होंने उपनिदेशकों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही हो।

मंत्री ने विभाग को उपनिदेशकों की पदोन्नति के लिए डीपीसी संबंधी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए और कहा कि जिला अटॉर्नी पदों के सृजन का प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।

बैठक में बताया गया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 148 सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्धता प्राप्त हुई है। मंत्री ने कहा कि भविष्य में और अधिक विद्यालयों को सीबीएसई पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर सभी ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन विद्यालयों में दिसंबर माह में परीक्षाएं आयोजित करने के निर्देश भी दिए।

पीडीएनए कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्हें बताया गया कि वर्ष 2023 और 2025 की आपदाओं में क्षतिग्रस्त विद्यालयों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग और हिमुडा को 19 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। मंत्री ने गैर-कार्यशील केंद्रीय विद्यालयों से संबंधित लंबित औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर उन्हें जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए।

रोहित ठाकुर ने डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना की भी समीक्षा की, जिसके तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग को योजना को और सरल बनाने के निर्देश दिए ताकि पात्र विद्यार्थी आसानी से इसका लाभ उठा सकें।

मंत्री ने शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा और शिक्षक समुदाय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) 2.0 में हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर छठा तथा राज्यों में तीसरा स्थान हासिल किया है। राज्य को देश की दूसरी सर्वोच्च श्रेणी ‘प्रचेष्टा-2’ में स्थान मिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग इसी समर्पण के साथ कार्य करते हुए अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श बनेगा।

बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. हरीश कुमार अवस्थी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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