184 औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नियमों की उल्लंघना करने पर लगाया जुर्माना – भारत केसरी टीवी

184 औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नियमों की उल्लंघना करने पर लगाया जुर्माना

[MADAN SHARMA]

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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नियमों की उल्लंघना करने पर लगाया सात करोड़ से ज्यादा जुर्माना

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हिमाचल में नियमों की उल्लघंना करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का डंडा चला है। तीन वर्षों में विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में निरीक्षण कर 184 औद्योगिक इकाइयों पर सात करोड़ से अधिक जुर्माना लगा है। इस अवधि में बोर्ड ने प्रदेश की 15 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया है। कुल-मिलाकर नियमों को ताक पर रखने वालों पर राज्य प्रदूषण बोर्ड ने सख्ती दिखाई है। जानकारी के अनुसार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले तीन वर्षों में 31 जनवरी, 2026 तक प्रदेश में कुल 15234 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया है। इसके तहत बिलासपुर में 511, चंबा 720, हमीरपुर 211, कांगड़ा 1551, किन्नौर 446, कुल्लू 1851, लाहुल-स्पीति 239, मंडी 898, शिमला 820, सिरमौर 2206, सोलन 4651 और ऊना जिला में 1130 इकाइयों का निरीक्षण इसमें शामिल है।

 

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक निरीक्षण के दौरान 184 औद्योगिक इकाईयों में नियमों का उल्लघंना पाई गई। इनमें बिलासपुर 12, चंबा 04, हमीरपुर 10, कांगड़ा 14, किन्नौर 02, कुल्लु 14, लाहुल-स्पीति 03, मंडी 02, शिमला 31, सिरमौर 16, सोलन 58 और जिला ऊना की 18 औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। विभाग ने इन औद्योगिक इकाइयों पर सात करोड़ तेरह लाख चौबीस हजार छह सौ पांच रुपए की राशि चालान एवं जुर्माने के तौर पर वसूली गई है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि जिन इकाइयों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, उनके खिलाफ पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिरोपण के तहत जुर्माना लगाया गया है। साथ ही कई मामलों में बिजली कनेक्शन काटने जैसे कड़े कदम भी उठाए गए हैं, ताकि उद्योग तुरंत सुधार करें और भविष्य में नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

 

जारी रहेगा निरीक्षण अभियान

 

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि हिमाचल जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील राज्य में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। बोर्ड का कहना है कि उद्योगों को समय-समय पर दिशा-निर्देश भी दिए जाते है। इसके तहत उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का सही उपयोग करने और अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का पालन करने को कहा जाता है।

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