“नशे पर वार करने वाले अफ़सर को मिल्क फेडरेशन क्यों?” — सुक्खू सरकार पर भाजपा का तीखा हमला – भारत केसरी टीवी

“नशे पर वार करने वाले अफ़सर को मिल्क फेडरेशन क्यों?” — सुक्खू सरकार पर भाजपा का तीखा हमला

[MADAN SHARMA]

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प्रेस नोट

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दिनांक: 11 फ़रवरी, 2026

 

विषय: “दूध की मलाई या नशे पर लगाम?” — IPS संजीव गांधी की तैनाती पर सरकार से सवाल

 

सोलन:

हिमाचल प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार के अजीबो-गरीब फैसलों पर कटाक्ष करते हुए भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य (आईटी विभाग) अरुष गुप्ता ने आज एक तीखा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली को देखकर अब जनता को भी लगने लगा है कि सरकार “व्यवस्था परिवर्तन” नहीं, अपितु “विषय परिवर्तन” के नशे में डूबी हुई है।

 

अरुष गुप्ता ने कहा कि जिसने भी IPS संजीव गांधी को शिमला में काम करते देखा है, वह जानता है कि वह केवल कुर्सी पर बैठने वाले अधिकारी नहीं, अपितु ज़मीन पर उतरकर नशा माफ़िया की कमर तोड़ने वाले अफ़सर हैं। उनके कार्यकाल में चिट्टे के सौदागरों की नींद उड़ गई थी। लेकिन सरकार ने अपनी तथाकथित ‘अद्भुत बुद्धि’ का परिचय देते हुए एक तेजतर्रार DIG स्तर के अधिकारी को मिल्क फ़ेडरेशन का एमडी बना दिया।

 

उन्होंने सरकार से कुछ चुभते सवाल पूछे—

नशा बनाम दूध: क्या सरकार को लगता है कि प्रदेश में नशे की समस्या खत्म हो गई है और अब पुलिस को केवल गाय-भैंस का दूध नापने की ट्रेनिंग देनी चाहिए?

 

मिसफ़िट मैनेजमेंट: जब युवा नशे की चपेट में आ रहे हों, तब ऐसे सख़्त और सक्षम अधिकारी को एंटी-नारकोटिक्स टास्क फ़ोर्स की कमान देने के बजाय दूध के डिब्बे गिनने पर लगाना, क्या सरकार की गंभीरता को दर्शाता है?

 

फ़ैसले या फ़ितूर?: जिस तरह के फ़ैसले लिए जा रहे हैं, उससे लगता है कि सचिवालय में फ़ाइलें किसी अजीब से ‘फ़ितूर’ में साइन हो रही हैं, तभी पुलिसिंग और डेयरी प्रबंधन का अंतर सरकार को समझ नहीं आ रहा।

 

अरुष गुप्ता ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उनकी सरकार को सीधी सलाह देते हुए कहा कि अगर वास्तव में प्रदेश को नशा मुक्त बनाना है, तो संजीव गांधी जैसे अधिकारियों को फ़ील्ड में तैनात किया जाए, न कि दूध बेचने वाली फ़ेडरेशन में। जनता पूछ रही है—“प्रदेश को नशा मुक्त बनाना है या केवल पुलिस अधिकारियों से दूध की मलाई चेक करवानी है?”

 

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हैरानी की बात है कि जिस अफ़सर को माफ़िया का नशा उतारना था, उसे सरकार ने मिल्क पाउडर का स्टॉक चेक करने पर लगा दिया। यह सुक्खू सरकार का मास्टरस्ट्रोक है या किसी गहरे नशे का असर, यह तो भगवान ही जाने।”

 

— अरुष गुप्ता

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य (आईटी विभाग), हिमाचल प्रदेश

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