*हिमाचल: तीसरी बार घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर मिलेगा एक लाख रुपये का इनाम, सरकार ने की नई पहल* – भारत केसरी टीवी

*हिमाचल: तीसरी बार घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर मिलेगा एक लाख रुपये का इनाम, सरकार ने की नई पहल*

*हिमाचल में हादसों से हो रही मृत्यु दर को कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है। ट्रांसपोर्ट रोड सेपटी ने हिमाचल में 2030 तक 50 फीसदी मृत्युदर कम करने का लक्ष्य रखा है।*

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सड़क हादसों में घायलों को तत्काल इलाज मिले और हादसों में मृत्यु दर कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने नई पहल की है। *अब घायल को अस्पताल में पहुंचाने पर 25 हजार रुपये मिलेंगे। पहले पांच हजार रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती थी। योजना के तहत तीसरी बार घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर एक लाख रुपये सहित प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।* यह राशि केंद्र सरकार मुहैया कराएगी। ट्रांसपोर्ट रोड सेफ्टी के तहत यह राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने इस नेक व्यक्ति स्कीम का नाम बदलकर अब राह वीर रख दिया है। हिमाचल में हादसों से हो रही मृत्यु दर को कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है। ट्रांसपोर्ट रोड सेपटी ने हिमाचल में 2030 तक 50 फीसदी मृत्युदर कम करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में प्रोत्साहन राशि को बढ़ाया गया है।

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ट्रांसपोर्ट रोड सेफ्टी अतिरिक्त आयुक्त एसडी नेगी ने इसकी पुष्टि की है। हिमाचल में अगर किसी भी सड़क पर हादसा होता है तो ट्रांसपोर्ट रोड सेफ्टी के तहत इसकी आनलाइन जानकारी तुरंत पुलिस प्रशासन, परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग को मिलेगी। पुलिस की टीम मौके पर जाकर हादसे का कारण जानेगी, जबकि लोक निर्माण विभाग की ओर से प्वाइंट को ठीक कराया जाएगा। अस्पताल में घायल का कैशलेस योजना के तहत सात दिन तक निशुल्क उपचार होगा। इसमें डेढ़ लाख रुपये तक की राशि ट्रांसपोर्ट रोड सेफ्टी के तहत खर्च की जाएगी। राज्यभर में इस योजना को लागू करने के लिए मुख्य सचिव नोडल अधिकारी होंगे। जिलों में उपायुक्त, संबंधित अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऐसे मामलों की निगरानी करेंगे।

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*प्रदेश में हर रोज सड़क हादसों में 7-8 लोग हो रहे घायल*

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प्रदेश में औसतन प्रतिदिन 7-8 लोग सड़क हादसों में घायल हो रहे हैं। ट्रांसपोर्ट रोड सेफ्टी अतिरिक्त आयुक्त एसडी नेगी ने कहा कि हिमाचल में इस योजना को लागू कर दिया गया है। इसको लेकर मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, सीएमओ, एमएस, लोक निर्माण और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। सभी को योजना के बारे में अवगत कराया गया है। ने की नई पहल*

*हिमाचल में हादसों से हो रही मृत्यु दर को कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है। ट्रांसपोर्ट रोड सेपटी ने हिमाचल में 2030 तक 50 फीसदी मृत्युदर कम करने का लक्ष्य रखा है।*

सड़क हादसों में घायलों को तत्काल इलाज मिले और हादसों में मृत्यु दर कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने नई पहल की है। *अब घायल को अस्पताल में पहुंचाने पर 25 हजार रुपये मिलेंगे। पहले पांच हजार रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती थी। योजना के तहत तीसरी बार घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर एक लाख रुपये सहित प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।* यह राशि केंद्र सरकार मुहैया कराएगी। ट्रांसपोर्ट रोड सेफ्टी के तहत यह राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने इस नेक व्यक्ति स्कीम का नाम बदलकर अब राह वीर रख दिया है। हिमाचल में हादसों से हो रही मृत्यु दर को कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है। ट्रांसपोर्ट रोड सेपटी ने हिमाचल में 2030 तक 50 फीसदी मृत्युदर कम करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में प्रोत्साहन राशि को बढ़ाया गया है।

ट्रांसपोर्ट रोड सेफ्टी अतिरिक्त आयुक्त एसडी नेगी ने इसकी पुष्टि की है। हिमाचल में अगर किसी भी सड़क पर हादसा होता है तो ट्रांसपोर्ट रोड सेफ्टी के तहत इसकी आनलाइन जानकारी तुरंत पुलिस प्रशासन, परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग को मिलेगी। पुलिस की टीम मौके पर जाकर हादसे का कारण जानेगी, जबकि लोक निर्माण विभाग की ओर से प्वाइंट को ठीक कराया जाएगा। अस्पताल में घायल का कैशलेस योजना के तहत सात दिन तक निशुल्क उपचार होगा। इसमें डेढ़ लाख रुपये तक की राशि ट्रांसपोर्ट रोड सेफ्टी के तहत खर्च की जाएगी। राज्यभर में इस योजना को लागू करने के लिए मुख्य सचिव नोडल अधिकारी होंगे। जिलों में उपायुक्त, संबंधित अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऐसे मामलों की निगरानी करेंगे।

*प्रदेश में हर रोज सड़क हादसों में 7-8 लोग हो रहे घायल*

प्रदेश में औसतन प्रतिदिन 7-8 लोग सड़क हादसों में घायल हो रहे हैं। ट्रांसपोर्ट रोड सेफ्टी अतिरिक्त आयुक्त एसडी नेगी ने कहा कि हिमाचल में इस योजना को लागू कर दिया गया है। इसको लेकर मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, सीएमओ, एमएस, लोक निर्माण और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। सभी को योजना के बारे में अवगत कराया गया है।

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