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Shimla Subhash Sharma 30/10/26

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397 कैंसर दवाओं के दाम घटे, 93% तक राहत : रणधीर शर्मा

 

₹1,422 करोड़ की स्वास्थ्य परियोजना, ₹2,006 करोड़ आपदा सहायता के उपयोग पर कांग्रेस सरकार से सवाल : रणधीर शर्मा

 

शिमला, 29 अक्टूबर 2026। भाजपा विधायक एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने कैंसर की दवाओं की कीमतों में भारी कमी करके देश के लाखों मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत प्रदान की है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए हिमाचल प्रदेश भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त करती है।

 

रणधीर शर्मा ने कहा कि 27 अक्टूबर को जारी संशोधित मूल्य सूची के अनुसार 543 में से 397 कैंसर संबंधी दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमतों में कमी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि पाल्बोसिक्लिब 125 एमजी की एक दवा की कीमत ₹40,421 से घटकर ₹2,730 हो गई, जो लगभग 93.25 प्रतिशत की कमी है। इसी प्रकार पाल्बोसिक्लिब 100 एमजी की कीमत ₹24,505 से घटकर ₹2,069 तथा थायोटेपा 100 एमजी की कीमत ₹80,072 से घटकर ₹7,150 हुई है।

 

उन्होंने कहा कि महंगे इलाज के कारण अनेक परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। दवाओं की कीमतों में यह कटौती मरीजों और उनके परिजनों का आर्थिक बोझ कम करने में सहायक होगी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस निर्णय का स्वागत करने और कार्यकर्ताओं से संशोधित कीमतों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

 

रणधीर शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 320 अतिरिक्त पीजी मेडिकल सीटों को स्वीकृति प्रदान की है तथा इसके लिए लगभग ₹415 करोड़ की सहायता का प्रावधान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार केंद्र की उपलब्धियों का श्रेय स्वयं लेने का प्रयास कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा स्वीकृत ₹1,422 करोड़ की जायका स्वास्थ्य परियोजना का लाभ प्रदेश की जनता तक पहुंचाने में सरकार अपेक्षित प्रगति नहीं कर पाई है। पीएम-अभीम योजना के अंतर्गत क्रिटिकल केयर ब्लॉकों और ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों के निर्माण की धीमी गति पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्वीकृत ₹521 करोड़ का समुचित उपयोग नहीं हुआ है।

 

रणधीर शर्मा ने ऊना के बल्क ड्रग पार्क में देरी और मेडिकल डिवाइस पार्क परियोजना से पीछे हटने के निर्णय को रोजगार तथा निवेश की संभावनाओं के लिए नुकसानदायक बताया।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा पुनर्निर्माण के लिए पीडीएनए के अंतर्गत स्वीकृत लगभग ₹2,006 करोड़ के कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही। उन्होंने पांच-पांच लाख रुपये के कार्यों के आवंटन और भुगतान की जांच कराने की मांग की।

 

रणधीर शर्मा ने 15वें वित्त आयोग के पंचायत अनुदानों के उपयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पेयजल संबंधी टाइड ग्रांट का पैसा पंचायतों के बजाय जल शक्ति विभाग को सौंपा गया तथा कुछ धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों से अलग किया गया।

 

उन्होंने मांग की कि 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के माध्यम से निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार खर्च की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय निकायों के वित्तीय अधिकारों की अनदेखी हुई तो भाजपा जनप्रतिनिधियों के साथ आंदोलन करेगी।

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