हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई रफ्तार, मेडिकल पीजी सीटें 277 से बढ़कर 597 हुईं; मुख्यमंत्री सुक्खू ने सचिवालय के नए भवन का किया उद्घाटन – भारत केसरी टीवी

हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई रफ्तार, मेडिकल पीजी सीटें 277 से बढ़कर 597 हुईं; मुख्यमंत्री सुक्खू ने सचिवालय के नए भवन का किया उद्घाटन

मदन शर्मा

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शिमला,  हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को हिमाचल प्रदेश सचिवालय में आर्म्सडेल भवन के चौथे चरण के ब्लॉक-1 और ब्लॉक-2 का उद्घाटन किया। इस निर्माण परियोजना पर लगभग 9 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ-साथ बुनियादी ढांचे का विस्तार भी बेहद जरूरी है। सचिवालय भवन का विस्तार किया गया है और जल्द ही कार्यालयों को नए परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा।

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मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) मेडिकल सीटों की संख्या 277 से बढ़ाकर 597 कर दी गई है। इस तरह कुल 320 सीटों की ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है।

 

छह मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों का विवरण

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला में पीजी सीटें 139 से बढ़ाकर 230 की गई हैं, यानी 91 सीटों की वृद्धि हुई है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा में सीटें 99 से बढ़कर 156 हो गई हैं, जबकि श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज, मंडी में इनकी संख्या 24 से बढ़ाकर 79 की गई है।

 

इसी तरह डॉ. वाईएस परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज, नाहन में पीजी सीटें 3 से बढ़ाकर 35 कर दी गई हैं। पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज, चंबा में सीटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 32 की गई है। वहीं, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर में पीजी सीटें 8 से बढ़ाकर 65 कर दी गई हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी मेडिकल कॉलेजों को मजबूत बनाने, चिकित्सा शिक्षा में स्नातकोत्तर स्तर पर अवसर बढ़ाने और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में सुधार करने पर विशेष ध्यान दे रही है। पीजी सीटों में वृद्धि से युवा डॉक्टरों को प्रदेश के भीतर ही विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा हासिल करने के अधिक अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षित विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।

 

आधुनिक मशीनों से लैस होंगे स्वास्थ्य संस्थान

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को उनके घरों के नजदीक ही बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ आधुनिक तकनीक को भी अपनाया जा रहा है।

 

उन्होंने बताया कि करीब 15 से 20 वर्ष पुरानी चिकित्सा मशीनों और उपकरणों को आधुनिक मशीनों से बदला जा रहा है। स्वास्थ्य संस्थानों में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के स्तर के अनुरूप आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री के अनुसार, चार वर्ष पहले तक प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की उपलब्धता केवल 35 प्रतिशत थी, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर 70 प्रतिशत से अधिक कर दिया है। सरकार का लक्ष्य अगले वर्ष तक डॉक्टरों की उपलब्धता को 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंचाना है।

 

रेडियोडायग्नोसिस सेवाओं में प्रतीक्षा अवधि कम करने का लक्ष्य

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडियोडायग्नोसिस सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है और इन जांच सेवाओं के लिए प्रतीक्षा अवधि को शून्य तक लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को प्रदेश के भीतर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा।

 

उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश के लोगों को विशेषज्ञ उपचार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम होगी और प्रदेशवासियों को सालाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये की बचत होने में मदद मिलेगी।

 

प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए आयोग गठित

 

एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए सरकार ने एक आयोग का गठन किया है। इसका उद्देश्य जनता की सुविधा बढ़ाना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। आयोग विस्तृत अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर उचित निर्णय लिए जाएंगे।

 

इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, उपमहापौर उमा कौशल, ओएसडी रितेश कापरेट, हिमकॉन के अध्यक्ष विकेश चौहान, नगर निगम के पार्षद, उपायुक्त अनुपम कश्यप, सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक राजीव कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेहर पंवार, मुख्य अभियंता विजय चौधरी सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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