हिमाचल को हर मौसम का पसंदीदा पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में सरकार के प्रयास – भारत केसरी टीवी

हिमाचल को हर मौसम का पसंदीदा पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में सरकार के प्रयास

[मदन शर्मा]

Advertisement

 

Advertisement

हिमाचल प्रदेश भारत के पर्यटन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश को हर मौसम में पर्यटकों की पहली पसंद बनाने के लिए अनेक नवाचारपूर्ण कदम उठा रही है। पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की नीतियों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिससे प्रदेश की सुंदर वादियों में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

राज्य सरकार पर्यटन के विभिन्न क्षेत्रों को नई दिशा दे रही है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ हिमाचल को साहसिक पर्यटन (एडवेंचर टूरिज्म) का केंद्र भी बनाया जा रहा है। गोबिंद सागर झील में पहली बार क्रूज़, शिकारा, हाउसबोट, जेट स्की और वाटर स्कूटर जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा बिलासपुर के हरनौड़ा से शिमला के तत्तापानी तक 30 किलोमीटर लंबा क्रूज़ मार्ग विकसित किया जा रहा है।

राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है। हमीरपुर के नादौन में ब्यास नदी और शिमला जिले में सतलुज नदी पर एशियन राफ्टिंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। कांगड़ा का बीड़-बिलिंग विश्वभर के पैराग्लाइडिंग प्रेमियों के लिए प्रसिद्ध है, वहीं जूंगा में पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप का आयोजन भी किया गया।

इको-टूरिज्म की अपार संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने नई इको-टूरिज्म नीति लागू की है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना है।

मुख्यमंत्री की अभिनव पहल के तहत शिपकी ला से सीमा पर्यटन (बॉर्डर टूरिज्म) शुरू किया गया है। इसके अलावा हिमाचल को एस्ट्रो-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है तथा काजा (लाहौल-स्पीति) में स्टार गेजिंग सुविधा का शुभारंभ किया गया है।

सरकार कांगड़ा को राज्य की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित कर रही है। इसके लिए कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार कार्य जारी है और सभी जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। कांगड़ा के देहरा में 619 करोड़ रुपये की लागत से दुर्गेश अरण्य वन्यजीव पार्क विकसित किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रमुख पर्यटन आकर्षण बनेगा।

मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्टअप योजना के तहत नए पर्यटन उद्यम और होम-स्टे इकाइयों के विस्तार के लिए ऋण पर ब्याज अनुदान दिया जा रहा है। पात्र लाभार्थियों को शहरी क्षेत्रों में 3 प्रतिशत, ग्रामीण क्षेत्रों में 4 प्रतिशत और जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

शिमला में बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए 246 करोड़ रुपये की भूमिगत यूटिलिटी डक्ट परियोजना पर कार्य किया जा रहा है, जिससे शहर का सौंदर्यीकरण, आधारभूत ढांचे का आधुनिकीकरण और नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा।

राज्य सरकार सतत, आधुनिक और जन-केंद्रित विकास के लक्ष्य के साथ हिमाचल प्रदेश को पर्यटन और आर्थिक विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

2027 में कौन होगा हिमाचल का मुख्य मंत्री

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Facebook Instagram Twitter Youtube Whatsapp
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000