मुख्यमंत्री ने हिमाचल पर्यटन के लिए 2350 करोड़ रुपये की रणनीतिक रूपरेखा पेश की – भारत केसरी टीवी

मुख्यमंत्री ने हिमाचल पर्यटन के लिए 2350 करोड़ रुपये की रणनीतिक रूपरेखा पेश की

[MADAN SHARMA]

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश में चल रही विभिन्न पर्यटन विकास परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

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एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के सहयोग से संचालित इन परियोजनाओं में कुल 2350 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिसमें ट्रेंच-1 के तहत 1620 करोड़ रुपये तथा ट्रेंच-2 के लिए 730 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में विश्वस्तरीय गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य “हिमाचल टूरिज्म” को एक वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने कई व्यापक योजनाएं शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित करना है।

पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सरकार कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके अंतर्गत राज्य में कई हेलीपोर्ट्स का निर्माण तथा कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का कार्य प्रगति पर है।

इस मास्टर प्लान के केंद्र में कांगड़ा जिले को “पर्यटन राजधानी” के रूप में विकसित करना शामिल है। पालमपुर और नगरोटा बगवां में लगभग 77.70 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पहले से ही चल रही हैं।

पालमपुर में मल्टी-लेवल पार्किंग, न्यूगल कैफे के नवीनीकरण और लाइब्रेरी से जुड़े आधुनिक कैफे जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। वहीं नगरोटा बगवां में बस स्टैंड, मंदिरों और सार्वजनिक मैदानों के सौंदर्यीकरण, साथ ही ड्रेनेज और सड़कों के सुधार जैसे बुनियादी ढांचा कार्य किए जा रहे हैं।

राज्यभर में धार्मिक और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।

हमीरपुर में श्री बाबा बालकनाथ मंदिर परिसर के विकास पर 51.09 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

धर्मशाला में 33.78 करोड़ रुपये की लागत से आइस-स्केटिंग और रोलर-स्केटिंग रिंक बनाए जाएंगे।

इसके अलावा, कुल्लू और मनाली में 56 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।

ऐतिहासिक नग्गर कैसल का संरक्षण और नवीनीकरण भी विशेष तकनीकी देखरेख में किया जा रहा है।

ADB के सहयोग से आने वाले चरणों में नादौन में राफ्टिंग कॉम्प्लेक्स और छात्रावासों से युक्त एडवेंचर स्पोर्ट्स सेंटर जैसी नई सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

बैठक में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली, प्रधान सचिव देवेश कुमार और निदेशक पर्यटन विवेक भाटिया ने विस्तृत जानकारी साझा की और इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए समन्वय का भरोसा दिलाया।

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