शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग में भर्ती और पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश – भारत केसरी टीवी

शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग में भर्ती और पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

[MADAN SHARMA ]

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शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति, भर्ती प्रक्रिया और राज्यभर में चल रहे बुनियादी ढांचा पुनर्स्थापन कार्यों की समीक्षा की गई।

उन्होंने निर्देश दिए कि स्वीकृत सभी पदों को तत्काल हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग और लोक सेवा आयोग को भेजा जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया बिना देरी शुरू की जा सके और स्कूलों में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जा सके। टीजीटी, जेबीटी, पंजाबी और उर्दू सहित अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के शिक्षकों, कोचों और खेल छात्रावासों में डीपीई पदों की भर्ती की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को इन मामलों का नियमित रूप से अनुवर्तन करने के निर्देश दिए, ताकि समय पर नियुक्तियां सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और विद्यार्थियों को शिक्षकों की कमी से होने वाली असुविधा से बचाने के लिए प्रत्येक स्तर पर शिक्षण स्टाफ की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है।

शिक्षा मंत्री ने 9वीं और 10वीं कक्षाओं में पीजीटी शिक्षकों की नियुक्ति की समीक्षा की और उपनिदेशकों को निर्देश दिया कि वे जिलों में सफल शैक्षणिक प्रयोगों और नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को पहचानकर साझा करें। उन्होंने यह भी कहा कि जो पदोन्नत पीजीटी निर्धारित समयावधि में नई तैनाती नहीं ज्वॉइन करते, उनकी पदोन्नति निरस्त कर दी जाए और यह अवसर अगले योग्य उम्मीदवारों को दिया जाए।

नए प्राथमिक विद्यालय खोलने के प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए रोहित ठाकुर ने सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि यह प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा जा सके। उन्होंने कोटखाई और पांवटा साहिब में केन्द्रीय विद्यालयों से संबंधित औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के भी निर्देश दिए, ताकि ये विद्यालय शीघ्र कार्य करना प्रारंभ कर सकें। प्रधानाचार्यों की पदोन्नति और नियुक्ति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया शीघ्र और पारदर्शी ढंग से पूरी की जाए, ताकि अकादमिक निगरानी प्रभावी बन सके।

रोहित ठाकुर ने हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं से शैक्षणिक संस्थानों को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की और कहा कि अब मौसम अनुकूल है, इसलिए मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने जानकारी दी कि कुल 1320 से अधिक शैक्षणिक संस्थान प्रभावित हुए हैं, जिससे लगभग ₹122 करोड़ का नुकसान हुआ है। उन्होंने निर्देश दिए कि पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (PDNA) फंड का उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से किया जाए और जिन स्कूलों को 75 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई है, उन्हें प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उपयोग रिपोर्ट 5 दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए, अन्यथा बिना उपयोग की राशि उन स्कूलों को स्थानांतरित कर दी जाएगी जिन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता है।

स्कूल निरीक्षण प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए मंत्री ने उपनिदेशकों (माध्यमिक, प्राथमिक और गुणवत्ता शिक्षा) को निरीक्षण लक्ष्य बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और जवाबदेही को और सशक्त बनाया जा सके।

उन्होंने डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना की प्रगति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु 1 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुनिश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में जनवरी 2023 से अब तक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों, सुधारों और नई पहलों पर एक विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई।

इस अवसर पर अतिरिक्त सचिव शिक्षा शुभ करण सिंह, समग्र शिक्षा परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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