वन्य प्राणियों का शिकार किया तो होगी 7 साल की कैद, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट – भारत केसरी टीवी

वन्य प्राणियों का शिकार किया तो होगी 7 साल की कैद, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट

मदन शर्मा

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सर्दियों की दस्तक के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। ऐसे में भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में वन्य प्राणियों और दुर्लभ पक्षियों ने निचले इलाकों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। वन्य जीवों के इस शीतकालीन प्रवास को देखते हुए वन मंडल ने अलर्ट जारी कर दिया है। वन मंडलाधिकारी नाचन मुनीश रांगड़ा ने सभी वन परिक्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के आदेश दिए हैं और फील्ड स्टाफ को शिकारियों पर कड़ी नजर रखने को कहा है।

गांवों के आसपास पहुंच रहे दुर्लभ पक्षी और जानवर

डीएफओ मुनीश रांगड़ा ने बताया कि ठंड बढ़ने के कारण घोरड, काकड़ और जंगली सुअर के अलावा हिमाचल के दुर्लभ और फेजेंट प्रजाति के पक्षी जैसे मोनाल, कोकलास, कलीज, चीड़ तथा जुजुराना इन दिनों गांवों के आसपास के जंगलों और खेतों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में शिकारियों की सक्रियता का खतरा बढ़ जाता है।

वन्य प्राणियों के अंगों की खरीद-फरोख्त भी अपराध

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 के तहत संरक्षित प्राणियों और पक्षियों का शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित है। शिकार का अर्थ केवल जानवर को मारना नहीं है। बल्कि, फंदा या जाल लगाकर पकड़ना, घायल करना, जहर देना, उनका पीछा करना, पक्षियों के अंडे उठाना या घोंसले नष्ट करना भी अपराध की श्रेणी में आता है

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