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राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने की हिमाचल के जनजातीय विकास कार्यों की सराहना

[मदन शर्मा ]

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राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने हिमाचल सरकार के जनजातीय विकास प्रयासों की सराहना की

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने जनजातीय क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों के कल्याण के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है।

आयोग के अध्यक्ष और सदस्य वर्तमान में दो दिवसीय शिमला दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने आज राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जनजातीय क्षेत्रों की चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल प्रदेश जनजातीय विकास के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा के बाद उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। आयोग के सदस्य निरुपम चकमा और डॉ. आशा लकड़ा ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

आयोग के अध्यक्ष ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि जनजातीय क्षेत्रों में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए, ताकि पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सके।

उन्होंने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि देश के कई अन्य राज्यों के विपरीत हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया का कोई मामला सामने नहीं आया है।

इससे पहले आयोग ने जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं के साथ संवाद किया, जिसमें युवाओं ने जनजातीय समाज के विकास, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े अपने विचार साझा किए।

इसके बाद आयोग ने जनजातीय क्षेत्रों के प्रतिनिधियों, वन संरक्षण समितियों, वन अधिकार लाभार्थियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में जनजातीय समुदायों से जुड़े मुद्दों और वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में जनजातीय हितों की सुरक्षा, कल्याण और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान हाटी, गुज्जर, गद्दी, किन्नौरा तथा अन्य जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे और सुझाव आयोग के समक्ष रखे।

अंतर सिंह आर्य ने आश्वासन दिया कि प्रस्तुत किए गए मुद्दों और सुझावों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को अधिकतम लाभ मिल सके।

मंगलवार को आयोग ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम और लोक निर्माण विभाग के साथ जनजातीय क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की समीक्षा भी की। इसके अतिरिक्त आयोग ने राज्य के सांसदों और विधायकों के साथ भी बैठक की।

बैठक की कार्यवाही अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने संचालित की।

इस अवसर पर एनसीएसटी के संयुक्त सचिव अमित निर्माज, निदेशक पुरेंदु कांत और पी. कल्याण रेड्डी सहित राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

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