शिक्षक दिवस से पहले न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम पर होगा फैसला, प्राथमिक शिक्षकों के खिलाफ FIR और निलंबन होंगे वापस: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू – भारत केसरी टीवी

शिक्षक दिवस से पहले न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम पर होगा फैसला, प्राथमिक शिक्षकों के खिलाफ FIR और निलंबन होंगे वापस: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू

[MADAN SHARMA]

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शिमला, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्राथमिक शिक्षकों को आश्वासन दिया है कि शिक्षक दिवस से पहले न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम पर उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस व्यवस्था की संवेदनशीलता से समीक्षा करेगी और आवश्यकता पड़ने पर इसमें सुधार या इसे पूरी तरह वापस लेने पर फैसला करेगी।

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रविवार को शिमला के चौड़ा मैदान में आयोजित प्राथमिक शिक्षक संघ की आम सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और शिक्षक संघ के बीच होने वाली आगामी बैठक में सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्राथमिक शिक्षकों के खिलाफ की गई निलंबन कार्रवाई, विभागीय जांच और दर्ज एफआईआर वापस ली जाएंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य अध्यापक, सेंटर हेड टीचर और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) के अधिकारों में कोई कटौती नहीं की जाएगी। साथ ही प्राथमिक विद्यालयों में खेल गतिविधियों को भी दोबारा शुरू किया जाएगा।

 

उन्होंने यह भी घोषणा की कि जेबीटी शिक्षकों को टीजीटी पदों पर पदोन्नति दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राथमिक शिक्षक संघ की मांगों पर शनिवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में विस्तार से चर्चा की गई थी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों के हितों की पूरी तरह रक्षा करेगी और शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षकों के सहयोग से प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को देश के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों में शामिल किया जाएगा।

 

उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्तर पर अंग्रेज़ी माध्यम से शिक्षा पहले ही शुरू की जा चुकी है और इसके लिए प्राथमिक शिक्षकों के योगदान की सराहना की। साथ ही कहा कि सीबीएसई स्कूलों में प्राचार्यों की नियुक्ति लगभग पूरी हो चुकी है और शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने पहले ही मंत्रिमंडल की बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल की थी। उन्होंने कहा कि यह फैसला राजनीति नहीं बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया। उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना के तहत कई कर्मचारियों को केवल ₹3,000 तक पेंशन मिल रही थी, जबकि ओपीएस लागू होने के बाद अनेक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लगभग ₹30,000 तक पेंशन मिल रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और संसाधनों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार राज्य के हितों की रक्षा करने में विफल रही, राजस्व घाटा अनुदान बंद हो गया और वर्तमान सरकार के लिए लगभग ₹10,000 करोड़ की देनदारियां छोड़ गई। उन्होंने प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए सभी से एकजुट होकर सहयोग करने का आह्वान किया।

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