‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती और मृदा संरक्षण का प्रशिक्षण – भारत केसरी टीवी

‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती और मृदा संरक्षण का प्रशिक्षण

[मदन शर्मा ]

Advertisement

 

Advertisement

खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन

कंडाघाट स्तिथ क़ृषि विज्ञानं केंद्र, सोलन भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा 1 से 30 जून तक चलाए जा रहे खेत बचाओ अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहा है. इस अभियान के मध्येनज़र केंद्र के वैज्ञानिकों के दो दल किसानों के घर द्वार पर जाकर उन्हें जागरूक एवं प्रशिक्षित कर रहे हैं।

इसी कड़ी में केंद्र द्वारा 1 से 5 जून तक किसानों एवं नौणी विश्वविद्यालय के औद्यानिकी महाविद्यालय के चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों को इस अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी गई। केंद्र के प्रभारी डॉक्टर अमित विक्रम ने किसानों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें मिट्टी परीक्षण का महत्व तथा प्रशिक्षण के परिणाम अनुरूप खादों के संतुलित मात्रा में प्रयोग करने की सलाह दी, साथ ही साथ उन्होंने मृदा के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।

इस दौरान विद्यार्थियों ने जल संरक्षण,प्राकृतिक खेती एवं उर्वरकों के संतुलित उपयोग विषयों पर पोस्टर के माध्यम से किसानों के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किये। केंद्र के वैज्ञानिकों डॉ आरती शुक्ला, डॉ मीरा देवी एवं डॉ अनुराग शर्मा द्वारा विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती के सभी स्तम्भ जैसे जीवामृत, घन जीवामृत, आच्छादन तथा वापसा विषयों पर प्रैक्टिकल के माध्यम से भी जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम के दौरान, केंद्र द्वारा 5 जून को पर्यावरण दिवस का भी आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 50 किसानों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान, श्रीमती धृति आचार्य, पर्यावरण अधिकारी,जिलाधीश कार्यालय सोलन एवं खंड विकास अधिकारी कार्यालय,कंडाघाट के अधिकारीयों ने भी भाग लिया तथा उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के फार्म पर पौधारोपण भी किया। इसके बाद किसानों को खेत में मिट्टी का नमूना लेने की सही विधि भी प्रैक्टिकल के माध्यम से दर्शाई गई।

घलाई गांव से आशा ठाकुर, मीना ठाकुर तथा कोठी देवरा गांव की पिंकी देवी ने भी प्राकृतिक खेती के अपने अनुभवों को सबके साथ साझा किया। कंडाघाट खंड के विभिन्न गावों मे जागरूकता शिविरों के आयोजन के साथ साथ, केंद्र द्वारा 9.06.2026 को दाओंसी गांव में इस विषय पर प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया जहाँ डॉक्टर मीरा देवी ने किसानों को मृदा का सही तरीके से नमूना लेने की विधि बताई व उसके आधार पर उन्हें उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा मिट्टी का स्वास्थ्य बनाये रखने के लिए प्राकृतिक क़ृषि को अपनाने की सलाह दी। इस दौरान किसानों ने विभिन्न खरीफ फसलों में लगने वाले कीटों एवं रोगों के विषय में भी प्रश्न पूछे जिनके नियंत्रण के लिये वैज्ञानिकों ने उन्हें सुझाव दिए। पड़ग पंचायत की प्रधान मीरा कश्यप ने भी अपने प्राकृतिक खेती के अनुभव सबसे साझा किये। इस कार्यक्रम में अभी तक लगभग 600 किसानों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया है और यह कार्यक्रम अभी 30 जून तक जारी रहेगा.

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

2027 में कौन होगा हिमाचल का मुख्य मंत्री

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Facebook Instagram Twitter Youtube Whatsapp
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000