विकसित भारत 2047 का सपना गांव, किसान, युवा और महिलाओं की भागीदारी से होगा साकार : राज्यपाल – भारत केसरी टीवी

विकसित भारत 2047 का सपना गांव, किसान, युवा और महिलाओं की भागीदारी से होगा साकार : राज्यपाल

[मदन शर्मा ]

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विकसित भारत 2047 का संकल्प गांव, किसान, युवा और महिलाओं की भागीदारी से होगा पूरा : राज्यपाल

• युवाओं से नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनने का आह्वान
• कौशल, नवाचार और उद्यमिता को विकास की कुंजी बताया

राज्यपाल काविंदर गुप्ता ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य तभी प्राप्त किया जा सकता है जब गांव, किसान, युवा और महिलाएं देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आधुनिक कृषि, कौशल विकास और उद्यमिता आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आवश्यक हैं।

राज्यपाल शुक्रवार सायं शिमला में पंचनद शोध संस्थान अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित वार्षिक व्याख्यान ‘भारत 2047 : विकसित भारत का संकल्प’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि जब भारत वर्ष 2047 में अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब लक्ष्य केवल आर्थिक रूप से सशक्त राष्ट्र बनना नहीं होगा, बल्कि ऐसा समावेशी, आत्मनिर्भर और नवाचारी देश बनना होगा जो मानवीय मूल्यों को भी समान महत्व देता हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 का विजन 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय मिशन है।

राज्यपाल ने राष्ट्र निर्माण, शोध और जनजागरूकता के क्षेत्र में पंचनद शोध संस्थान के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल तकनीक, नवाचार, स्टार्टअप, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्तीय समावेशन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।

भारत के डिजिटल परिवर्तन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश का डिजिटल मॉडल आज विश्व के लिए एक उदाहरण बन गया है।

युवाओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्रतिभा और संभावनाओं से भरपूर राज्य है। उन्होंने युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल, नवाचार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें तथा अपनी प्रतिभा का उपयोग सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए करें। उन्होंने कहा कि भारत का विकास केवल सरकारी नीतियों पर निर्भर नहीं है, बल्कि युवाओं की ऊर्जा, ज्ञान, चरित्र और देशभक्ति पर भी आधारित है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने राधिका धीमान द्वारा लिखित पुस्तक ‘पुराण पुरुष : सिखी के सूत्र’ तथा अमरदीप सिंह द्वारा लिखित ‘मन बुद्धि का विकास : सिखी के सूत्र’ का विमोचन भी किया।

इससे पूर्व प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने विकसित भारत 2047 विषय पर मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किया। वहीं राज कुमार वर्मा और प्रो. मनु सूद ने भी विकसित भारत के दृष्टिकोण पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में शिक्षाविद्, शोधकर्ता, सामाजिक चिंतक और विभिन्न क्षेत्रों की अनेक प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।

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