रक्छम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला एवं पशु औषधालय भवन का उद्घाटन, बौद्ध सामुदायिक भवन का शिलान्यास मंत्री ने रक्छम में लोगों की जन समस्याएं भी सुनीं – भारत केसरी टीवी

रक्छम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला एवं पशु औषधालय भवन का उद्घाटन, बौद्ध सामुदायिक भवन का शिलान्यास मंत्री ने रक्छम में लोगों की जन समस्याएं भी सुनीं

राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज जिला किन्नौर के रक्छम गांव में 80 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भवन तथा 27 लाख रुपये की लागत से निर्मित पशु औषधालय भवन का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने 44 लाख रुपये की लागत से बनने वाले बौद्ध सामुदायिक भवन का शिलान्यास भी किया।

[MADAN SHARMA]

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राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज जिला किन्नौर के रक्छम गांव में 80 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भवन तथा 27 लाख रुपये की लागत से निर्मित पशु औषधालय भवन का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने 44 लाख रुपये की लागत से बनने वाले बौद्ध सामुदायिक भवन का शिलान्यास भी किया।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सीमांत एवं दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और पशुपालन जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय भवन से छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित होगी।
उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध किया जा रहा है। किन्नौर जिले में भी सांगला, रिकांगपिओ, कानम और भावानगर स्थित चार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि पशु औषधालय भवन के निर्माण से क्षेत्र के पशुपालकों को अब अपने गांव में ही पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उन्हें दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। इससे पशुधन की उत्पादकता बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने पशु हेल्थ कार्ड बनाने व नियमित अपडेट रखने के निर्देश दिए।
बौद्ध सामुदायिक भवन के शिलान्यास के उपरांत उन्होंने कहा कि यह भवन क्षेत्र की सांस्कृतिक व धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा स्थानीय समुदाय के सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देगा।
उन्होंने यह भी बताया कि रक्छम गांव के लिए आइस स्केटिंग रिंक स्वीकृत की गई है, जिसका कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही, रक्छम को सीवरेज योजना से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने 30 से अधिक स्थानीय नागरिकों की विभिन्न जन समस्याएं भी सुनीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके त्वरित निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, बिजली एवं संचार जैसी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि सीमांत क्षेत्र के लोग विकास की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जुड़ सकें।
इस अवसर पर डायरेक्टर एपीएमसी शिमला-किन्नौर उमेश नेगी, डायरेक्टर किनफेड पीताम्बर दास, उपमंडलाधिकारी कल्पा अमित कल्थाईक, उपनिदेशक उच्च शिक्षा कुलदीप डोगरा, स्थानीय पंचायत प्रधान सुशील कुमार, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
लोगों ने मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और क्षेत्र के विकास के प्रति उनके निरंतर प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।

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