अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें अधिकारी – अनुपम कश्यप – भारत केसरी टीवी

अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें अधिकारी – अनुपम कश्यप

मदन शर्मा

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15 सूत्रीय कार्यक्रम की जिला स्तरीय समिति की बैठक में उपायुक्त ने दिए निर्देश

 

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, आवास तथा मूलभूत सुविधाओं से संबंधित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अल्पसंख्यक समुदाय के पात्र लोगों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा, पोषण, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाकर समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश दिए।

 

आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों एवं महिलाओं को मिल रही पोषण सुविधाएं

बैठक में एकीकृत बाल विकास सेवाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिला शिमला में कुल 2,154 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 221 केंद्र ऐसे क्षेत्रों में हैं जहां अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी निवास करती है। इनमें 201 केंद्रों में अल्पसंख्यक समुदाय की जनसंख्या 25 प्रतिशत से कम तथा 20 केंद्रों में 25 प्रतिशत से अधिक है। जिला में 9 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा 8 सहायिकाएं अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित हैं। इन केंद्रों में 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के अल्पसंख्यक समुदाय के 531 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से 411 बच्चों को विशेष पोषण कार्यक्रम के तहत पोषण सुविधा प्रदान की जा रही है, जबकि 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 158 बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा दी जा रही है। इसके अतिरिक्त 508 बच्चों का वजन एवं लंबाई मापी गई, जिनमें 499 बच्चे सामान्य, 7 बच्चे मध्यम रूप से कुपोषित तथा 2 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए। जिला में अल्पसंख्यक समुदाय की 101 गर्भवती एवं धात्री महिलाएं भी इन सेवाओं से लाभान्वित हो रही हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि कुपोषित बच्चों की विशेष निगरानी करते हुए उन्हें आवश्यक पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को भी नियमित रूप से आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएं।

 

शिक्षा के माध्यम से बेटियों को सशक्त बनाने पर विशेष बल

समग्र शिक्षा के तहत जिला शिमला में अनुसूचित जाती, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। बैठक में बताया गया कि शिक्षा खंड छोहारा के अंतर्गत आंध्रा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 98 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इसके अतिरिक्त राजकीय उच्च पाठशाला गौसारी तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गौसारी में भी छात्राएं पंजीकृत हैं। छात्राएं शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।

 

उर्दू शिक्षा के लिए उपलब्ध करवाए जा रहे बेहतर संसाधन

बैठक में बताया गया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संजौली में उर्दू विषय के 21 तथा राजकीय उच्च पाठशाला कैथू में 12 विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। इन विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें तथा वर्दी की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

 

मदरसों में आधुनिक एवं धार्मिक शिक्षा की व्यवस्था

जिला शिमला में दो मदरसे संचालित किए जा रहे हैं। इनमें इस्लामिया मदरसा कासिमुल उलूम, कुठार में वर्तमान में 56 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनमें 40 बच्चे छात्रावास में रहते हैं तथा 16 बच्चे डे-स्कॉलर हैं। इनमें 44 बच्चे हिमाचल प्रदेश तथा 12 बच्चे अन्य राज्यों से संबंधित हैं। मदरसे में पहली से पांचवीं कक्षा तक एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त उर्दू एवं अरबी भाषा की धार्मिक शिक्षा भी दी जाती है।

वहीं, मदरसा इस्लाहुल फिक, मस्जिद बालूगंज में 87 बच्चे नामांकित हैं। यह संस्थान केवल धार्मिक शिक्षा प्रदान करता है तथा यहां अध्ययनरत बच्चे अपनी नियमित स्कूली शिक्षा राजकीय प्राथमिक पाठशाला बालूगंज से प्राप्त कर रहे हैं।

 

अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने के प्रयास

बैठक में बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में जिला शिमला में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक अल्पसंख्यक समुदाय के 387 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें से 74 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। शेष 313 विद्यार्थी आवश्यक दस्तावेजों एवं निर्धारित पात्रता संबंधी शर्तें पूरी न कर पाने के कारण छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर पाए हैं। इसके अतिरिक्त प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत जिला शिमला में अल्पसंख्यक समुदाय के 877 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। सरकारी एवं अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में भी सहयोग किया जाए, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने निर्देश दिए किए कि एसडीएम के माध्यम से विशेष कैंप लगाकर इन बच्चों के सर्टिफिकेट तैयार करवाए जाए ताकि पत्र बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके।

 

स्वरोजगार एवं कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को मिल रहे अवसर

बैठक में ग्रामीण विकास एवं रोजगार योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्त वर्ष 2026-27 में मनरेगा के तहत जिला शिमला में अल्पसंख्यक समुदाय के 156 परिवारों को रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज प्रगतिनगर में 9, राजकीय फोरेंसिक कॉलेज रोहड़ू में 11, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज प्रगतिनगर में 7 तथा राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज रोहड़ू में एक विद्यार्थी अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित है। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शिमला में अल्पसंख्यक समुदाय के 7 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें 6 मुस्लिम तथा एक सिख समुदाय से संबंधित है।

 

आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण सहायता से सशक्त हो रहे लाभार्थी

हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से संचालित योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि टर्म लोन योजना के तहत अब तक 3,793 लाभार्थियों को 117.92 करोड़ रुपये की ऋण सहायता प्रदान की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में 43 लाभार्थियों को 2.30 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। शिक्षा ऋण योजना के तहत कुल 43 लाभार्थियों को 2.12 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 में एक लाभार्थी को 4.65 लाख रुपये की राशि वितरित की गई है।

 

आवास योजनाओं एवं मलिन बस्तियों के सुधार पर विशेष ध्यान

ग्रामीण आवास योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में अल्पसंख्यक समुदाय के एक लाभार्थी के पक्ष में 33 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

नगर निगम शिमला द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय की मलिन बस्तियों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न कार्य करवाए जा रहे हैं। बंगाला कॉलोनी (टूटू), ईदगाह कॉलोनी (खल्दु भट्टा), कुष्ठ रोगी कॉलोनी (ढौंडेल फागली) तथा बंगाला कॉलोनी (संजौली) में 1 जनवरी, 2023 से 15 अक्तूबर, 2026 तक विभिन्न योजनाओं के तहत 70 विकास कार्य करवाए गए हैं, जिन पर लगभग 2.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त इन क्षेत्रों में नियमित सफाई व्यवस्था, कूड़ा उठाने तथा स्वच्छता बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। प्लान फाउंडेशन एनजीओ के माध्यम से स्थानीय लोगों को स्वच्छता, कूड़ा-कचरा पृथक्करण तथा घरों में कंपोस्टिंग अपनाने के प्रति जागरूक करने के लिए शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं।

 

सांप्रदायिक सौहार्द एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

बैठक में सांप्रदायिक घटनाओं की रोकथाम, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा पीड़ितों के पुनर्वास से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई। पुलिस विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर सतर्कता बरती जा रही है तथा स्थानीय प्रशासन एवं समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

उपायुक्त ने निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक गतिविधि अथवा तनाव की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता एवं पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि जिला में आपसी भाईचारा, शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

 

यह रहे उपस्थित

बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेहर पंवार, जिला कल्याण अधिकारी कपिल देव शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस ममता पॉल सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी

उपस्थित रहे।

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