* हिमाचल प्रदेश के भटियात क्षेत्र की नैनी खड़ में महिला से 10000 रुपए की ठगी* – भारत केसरी टीवी

* हिमाचल प्रदेश के भटियात क्षेत्र की नैनी खड़ में महिला से 10000 रुपए की ठगी*

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हिमाचल प्रदेश के भटियात क्षेत्र की नैनीखड्ड पंचायत में बाहरी राज्यों से आए कुछ लोगों ने जादू-टोना हटाने के बहाने एक लड़की से 10,000 रुपये की ठगी की। हालांकि, शातिर ठग मौके से फरार हो गए, लेकिन लड़की के परिजनों ने उनकी तलाश की और ठगी की राशि वापस ले ली। यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

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*जादू-टोना के बहाने ठगी की घटना*
नैनीखड्ड में बाहरी राज्यों से आए कुछ लोगों ने एनएच के नीचे खेतों में अपना डेरा डाला था। इनमें से दो लोग सफेद चोला और गले में माला पहनकर मेल पंचायत पहुंचे। वे घर-घर जाकर सामान और पैसे मांगने लगे। मेल गांव में घूमते हुए ये लोग अनिल धीमान के घर पहुंचे। उस समय घर पर अनिल की बेटी सोनिया अकेली थी, जो जमा-दो में पढ़ाई कर रही है। ठगों ने सोनिया को बताया कि उनके घर पर जादू-टोना किया गया है और इसे ठीक करने के लिए पैसे चाहिए।

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*कैसे फंसी सोनिया ठगों के जाल में*
शुरुआत में सोनिया ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसके बाद ठगों ने चालाकी दिखाते हुए कहा कि वे पैसे लेकर नहीं जाएंगे, बल्कि मंत्रोच्चारण कर उन्हें वापस कर देंगे। यह सुनकर सोनिया उनके झांसे में आ गई और उसने 10,000 रुपये इन लोगों को दे दिए। कुछ देर तक ठग घर में बैठे रहे, लेकिन मौका देखते ही वे पैसे लेकर फरार हो गए। सोनिया को जब ठगी का एहसास हुआ, तब तक वे जा चुके थे।
*परिजनों ने ढूंढ निकाला ठगों का परिवार*
घटना की जानकारी मिलते ही सोनिया के माता-पिता घर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय दुकान के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें सफेद चोले में दो लोग दिखाई दिए। अनिल धीमान ने तुरंत फोन के जरिए जानकारी जुटाई और पता चला कि नैनीखड्ड में कुछ बाहरी लोग डेरा जमाए हुए हैं। अनिल ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर इनके डेरे पर पहुंचकर पूछताछ शुरू की। पहले तो ये लोग मुकर गए, लेकिन जब पुलिस बुलाने की बात हुई तो एक महिला ने कबूल किया कि ठगी करने वाले पठानकोट की ओर गए हैं, पर पैसे उनके पास हैं।
*ठगी की राशि वापस मिली*
महिला ने डर के मारे 10,000 रुपये की पूरी राशि अनिल को लौटा दी। इसके बाद सोमवार सुबह ये सभी लोग नैनीखड्ड से फरार हो गए। इस घटना ने इलाके में अंधविश्वास और ठगी के खतरे को फिर से उजागर किया है। अनिल ने बताया कि अगर समय रहते कार्रवाई न की जाती, तो ठग पैसे लेकर भाग जाते।
*पुलिस जांच की मांग*
स्थानीय लोगों ने इस घटना के बाद पुलिस से ऐसे ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह पहली बार नहीं है जब बाहरी लोग इस तरह की ठगी के लिए इलाके में आए हों। नैनीखड्ड और आसपास के गांवों में अंधविश्वास का फायदा उठाकर ठगी की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है, लेकिन लोग सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।

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*सावधानी बरतने की जरूरत*
यह घटना दर्शाती है कि अंधविश्वास और ठगी का जाल कितना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को ऐसे झूठे दावों पर भरोसा करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। इस मामले ने एक बार फिर समाज में जागरूकता की जरूरत को रेखांकित किया है

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