EPFO वेतन सीमा ₹25,000 हुई, BMS ने केंद्र के फैसले का किया स्वागत – भारत केसरी टीवी

EPFO वेतन सीमा ₹25,000 हुई, BMS ने केंद्र के फैसले का किया स्वागत

[MADAN SHARMA]

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51 लाख और कर्मचारियों को अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने का फैसला, हिमाचल के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगा लाभ

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शिमला, 16 सितंबर। संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की वैधानिक वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने का फैसला लिया है। भारतीय मजदूर संघ (BMS) की हिमाचल प्रदेश इकाई ने केंद्र के इस निर्णय का स्वागत किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा की। नई वेतन सीमा 17 सितंबर 2026 से प्रभावी होने की बात कही गई है। वर्ष 2014 के बाद पहली बार EPFO की यह सीमा संशोधित की गई है।

शिमला से जारी संयुक्त बयान में BMS हिमाचल के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा, महासचिव यशपाल हेटा, उप महासचिव देविदत्त तंवर और कोषाध्यक्ष अमित चंद डोगरा ने इस फैसले को लंबे समय से लंबित मांग की पूर्ति बताया।

BMS नेताओं के अनुसार, पिछले एक दशक से अधिक समय से ₹15,000 की सीमा अपरिवर्तित रहने के कारण ऐसी स्थिति बन गई थी, जहां कई राज्यों में न्यूनतम वेतन EPF की वैधानिक सीमा से अधिक हो गया था। नई सीमा से ऐसे वेतनभोगी कर्मचारियों को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने में मदद मिलेगी।

51 लाख अतिरिक्त कर्मचारियों को लाभ

सरकार के फैसले से देशभर में ₹15,000 से ₹25,000 मासिक वेतन पाने वाले अनुमानित 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकते हैं। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को EPF के माध्यम से दीर्घकालिक बचत और सेवानिवृत्ति सुरक्षा के साथ-साथ संबंधित वैधानिक सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेंगे।

हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्रों को भी फायदा

BMS के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में इस फैसले का व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN), परवाणू, कालाअंब, पांवटा साहिब, मेहतपुर, टाहलीवाल और गगरेट में ₹18,000 से ₹24,000 मासिक वेतन पाने वाले कई कर्मचारी पहले EPFO की अनिवार्य सीमा से बाहर थे।

राज्य की प्रमुख सीमेंट इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। इनमें ACC बरमाणा, अंबुजा दाड़लाघाट, अंबुजा रौड़ी और अल्ट्राटेक बागा जैसी इकाइयां शामिल हैं।

BMS नेतृत्व ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और इसे ‘विकसित भारत @ 2047’ के व्यापक लक्ष्य से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया।

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