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राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में हिमाचल की बड़ी छलांग, देशभर में छठे स्थान पर पहुंचा प्रदेश

[मदन शर्मा ]

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राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में हिमाचल की बड़ी छलांग : मुख्यमंत्री

· भाजपा ने संस्थान खोलने पर ध्यान दिया, कांग्रेस गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दे रही प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
· PGI-2.0 में छठा स्थान हासिल करने पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को दी बधाई

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 रिपोर्ट में गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा प्रदान करने के मामले में हिमाचल प्रदेश के देशभर में छठा स्थान प्राप्त करने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश ने 13वें स्थान से सात पायदान की छलांग लगाकर छठा स्थान हासिल किया है, जबकि राज्यों की श्रेणी में प्रदेश तीसरे स्थान पर पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को प्रतिष्ठित ‘प्रचेष्टा-2’ श्रेणी में स्थान मिला है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में लागू किए गए विभिन्न सुधारों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और स्कूल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने के कारण यह सफलता संभव हो पाई है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने बिना पर्याप्त बजट और स्टाफ के केवल स्कूल खोलने पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर फोकस कर रही है ताकि गांवों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना चाहती है ताकि वे आत्मविश्वासी और सक्षम बन सकें। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने शिक्षा क्षेत्र की उपेक्षा की, जिसके कारण प्रदेश में शिक्षा का स्तर प्रभावित हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के तुरंत बाद वर्तमान कांग्रेस सरकार ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम शिक्षा शुरू की गई है। स्कूल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा रहा है तथा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोला जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को घर के पास ही बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो सके।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणालियों का अध्ययन करने और बेहतर व्यवस्थाओं को अपनाने के लिए विदेश भ्रमण पर भेजा जा रहा है। इसके अलावा मेधावी विद्यार्थियों को भी विदेशी शैक्षणिक दौरों पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों के पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है।

ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के 156 स्कूलों को CBSE पाठ्यक्रम से संबद्ध किया जा रहा है, जहां कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय की पढ़ाई उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि यह कदम आने वाले वर्षों में शिक्षा क्षेत्र को और अधिक मजबूत करेगा। इन संस्थानों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी भी नियुक्त किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी गुणात्मक सुधार जारी रखे जाएंगे ताकि हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।

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