पश्चिम एशिया संकट के बीच ईंधन बचत पर जोर, राज्यपाल ने छोड़ा हेलीकॉप्टर इस्तेमाल – भारत केसरी टीवी

पश्चिम एशिया संकट के बीच ईंधन बचत पर जोर, राज्यपाल ने छोड़ा हेलीकॉप्टर इस्तेमाल

[मदन शर्मा]

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राज्यपाल ने ईंधन संरक्षण को लेकर की पहल

• प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय आह्वान के समर्थन में लोक भवन को घोषित किया ‘फ्यूल कंजर्वेशन ज़ोन’
• विश्वविद्यालयों से संरक्षण अभियान का नेतृत्व करने की अपील
• युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान

राज्यपाल काविंद्र गुप्ता ने आज लोक भवन में ईंधन खपत कम करने, सादगी को बढ़ावा देने और पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों के बीच हिमाचल प्रदेश को देश के लिए एक आदर्श राज्य बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय जिम्मेदारी और एकजुटता का प्रतीक है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भरता और ईंधन संरक्षण की भावना को दर्शाती है।

राज्यपाल ने कहा कि अब लोक भवन को विशेष ‘फ्यूल कंजर्वेशन ज़ोन’ घोषित किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि हर रविवार को ‘पेट्रोल-फ्री संडे’ के रूप में मनाया जाएगा। रविवार को कोई भी सरकारी वाहन पेट्रोल या डीजल का उपयोग नहीं करेगा। सरकारी कार्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या संयुक्त यात्रा योजनाओं के माध्यम से किए जाएंगे ताकि ईंधन की बचत हो सके।

उन्होंने अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या तुरंत आधी करने के निर्देश भी दिए। राज्यपाल ने कहा कि अनावश्यक सरकारी बैठकों को अब ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा ताकि अतिरिक्त यात्रा से बचा जा सके। सरकारी कार्यक्रमों और आयोजनों को भी संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा जिससे वाहन आवाजाही कम हो।

राज्यपाल ने यह भी घोषणा की कि पश्चिम एशिया संकट समाप्त होने और ईंधन कीमतें सामान्य होने तक वह आधिकारिक यात्रा के लिए राज्य सरकार के हेलीकॉप्टर का उपयोग नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब देश ईंधन बचाने का प्रयास कर रहा है, तब अधिक ईंधन खर्च करने वाले साधनों का उपयोग उचित नहीं होगा।

राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होने के नाते राज्यपाल ने कुलपतियों से कैंपस में तुरंत ईंधन और ऊर्जा बचत उपाय शुरू करने की अपील की। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को कारपूलिंग, साइकिल और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रेरित करने को कहा।

उन्होंने विद्यार्थियों से कॉलेजों, छात्रावासों और अपने स्थानीय समुदायों में ईंधन बचत अभियान के दूत बनने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल संरक्षण का पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए, बल्कि उसे अपने दैनिक जीवन में भी अपनाना चाहिए।

प्रदेशवासियों को संदेश देते हुए राज्यपाल ने कहा कि ईंधन बचाना केवल खर्च कम करना नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी दिखाना भी है। उन्होंने लोगों, विशेषकर युवाओं से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, वाहन साझा करने, छोटी दूरी पैदल तय करने और साइकिल अपनाने की अपील की।

राज्यपाल ने लोगों से “वोकल फॉर लोकल” अभियान का समर्थन करने और आयातित वस्तुओं की बजाय स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प और भारतीय निर्मित सामान खरीदने का आग्रह किया। उन्होंने विदेश यात्रा की बजाय भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने की भी अपील की।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक स्थलों और एडवेंचर टूरिज्म के कारण हिमाचल प्रदेश देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों में से एक है। घरेलू पर्यटन भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय रोजगार बढ़ाने में मदद करता है।

राज्यपाल ने हिमाचल के युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में भारत की सबसे बड़ी ताकत हमेशा एकता और सामूहिक प्रयास रही है और हिमाचल प्रदेश ने हमेशा राष्ट्रीय हितों का समर्थन किया है।

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