हिमाचल में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: CM सुक्खू ने 34 करोड़ की परियोजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास – भारत केसरी टीवी

हिमाचल में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: CM सुक्खू ने 34 करोड़ की परियोजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास

[MADAN SHARMA]

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प्राकृतिक खेती प्रदेश का भविष्य, विश्वविद्यालय की भूमिका अहम: मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला से डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में 34.31 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन और शिलान्यास किया।

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उन्होंने हमीरपुर के नेरी स्थित कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री में 3.63 करोड़ रुपये की लागत से बने 107 छात्रों की क्षमता वाले छात्रावास का उद्घाटन किया। इसके अलावा, लाहौल-स्पीति के ताबो में 1.48 करोड़ रुपये की लागत से बने कृषि विज्ञान केंद्र के प्रशासनिक भवन का भी उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री ने नेरी (हमीरपुर) और खग्गल स्थित कॉलेजों में 50-50 क्षमता वाले कार्यरत महिलाओं के छात्रावासों (क्रमशः 8.57 करोड़ और 8.68 करोड़ रुपये) तथा सोलन के नौणी स्थित मुख्य परिसर में 100 क्षमता वाले महिला छात्रावास (11.95 करोड़ रुपये) का शिलान्यास भी किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती हिमाचल प्रदेश का भविष्य है और राज्य सरकार इसे बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वविद्यालयों की भूमिका को किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद किए जाने के बावजूद राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से जुड़े दो लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें से लगभग 1.98 लाख को प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और 53.95 प्रतिशत लोग सीधे तौर पर कृषि पर निर्भर हैं। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार किसान हितैषी नीतियां लागू कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों के लिए प्रदेश में देश का सबसे अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जा रहा है। इस वर्ष गेहूं का MSP 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो, मक्का 40 से 50 रुपये, पांगी घाटी की जौ 60 से 80 रुपये और हल्दी 90 से 150 रुपये प्रति किलो किया गया है। पांगी उपमंडल को प्रदेश का पहला पूर्ण प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित किया गया है।

इसके अलावा, अदरक को पहली बार MSP में शामिल किया गया है, जिसकी कीमत 30 रुपये प्रति किलो तय की गई है। गाय के दूध का समर्थन मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है।

कार्यक्रम में कुलपति डॉ. राजेश्वर चंदेल, आईसीएआर के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. आर.के. सिंह, रजिस्ट्रार सिद्धार्थ आचार्य सहित विश्वविद्यालय के कर्मचारी और छात्र वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे।

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