सुक्खू सरकार का मिशन ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’, खेलों से युवाओं को नई दिशा – भारत केसरी टीवी

सुक्खू सरकार का मिशन ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’, खेलों से युवाओं को नई दिशा

[मदन शर्मा]

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नशा उन्मूलन के लिए महत्वाकांक्षी पहल: राज्य सरकार का सशक्त अभियान

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युवा वर्ग समावेशी विकास और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

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युवाओं को नशे और मादक पदार्थों की लत से बचाने के लिए प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 में “खेलो हिमाचल – चिट्टा मुक्त अभियान” चलाने की व्यापक योजना तैयार की गई है। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखते हुए खेलों के माध्यम से अनुशासन, सकारात्मक जीवनशैली और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है।

इस पहल के तहत ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिन पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वॉलीबॉल, कबड्डी और क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल शामिल होंगे। इसमें 15 से 30 वर्ष आयु वर्ग के करीब 50,000 युवा भाग लेंगे। ग्रामीण विकास, युवा सेवाएं एवं खेल, पुलिस और जिला प्रशासन मिलकर इसका विस्तृत कैलेंडर तैयार कर रहे हैं।

सरकार नशे की चपेट में आए युवाओं के प्रति संवेदनशील नीति भी अपना रही है, ताकि उन्हें मुख्यधारा में वापस लाया जा सके। प्रदेशभर में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। सिरमौर जिले के कोटला बड़ोग में 20 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक नशा मुक्ति केंद्र बनाया जा रहा है, जिसमें पुस्तकालय, जिम, खेल गतिविधियां और कौशल प्रशिक्षण की सुविधाएं होंगी।

इसके अलावा, इस केंद्र के पास 2 करोड़ रुपये की लागत से ऑब्जर्वेशन होम और स्पेशल होम स्थापित किए जाएंगे, जहां नशा तस्करी में संलिप्त बच्चों को ट्रायल के दौरान रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किया गया “चिट्टा” विरोधी अभियान अब जन आंदोलन बन चुका है। प्रदेशभर में आयोजित एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अभियान को और मजबूत करने के लिए हिमाचल पुलिस में 1000 अतिरिक्त कांस्टेबल भर्ती किए जाएंगे।

सरकार नशा माफिया के खिलाफ लगातार सख्ती बरत रही है। अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। 1214 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से 950 की डिमार्केशन पूरी हो चुकी है, 12 को ध्वस्त और 2 को सील किया गया है।

साल 2025 में 23.93 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई। नशा तस्करी में शामिल 17 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया गया है। साथ ही, 105 सरकारी व अन्य कर्मचारियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं और विभागीय कार्रवाई जारी है।

मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu द्वारा चलाया गया यह जन अभियान व्यापक जन समर्थन प्राप्त कर रहा है। सामूहिक प्रयासों से यह पहल “देवभूमि” हिमाचल को नशा मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

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