भूमिहीनों के लिए वरदान बना वन अधिकार अधिनियम, हिमाचल में तेज होगा क्रियान्वयन: जगत सिंह नेगी – भारत केसरी टीवी

भूमिहीनों के लिए वरदान बना वन अधिकार अधिनियम, हिमाचल में तेज होगा क्रियान्वयन: जगत सिंह नेगी

[मदन शर्मा ]

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प्रदेश के भूमिहीन लोगों के लिए ऐतिहासिक कानून है एफआरए

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वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) वर्ष 2006 का कानून है और ये अपने आप में एक बहुत ही क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कानून है। वर्ष 2006 में जब केंद्र में कांग्रेस पार्टी की गठबंधन की सरकार थी और डा. मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे, तो उस समय कई कानून पास किए गए, जिनमें एफआरए कानून भी पास किया गया था। राजस्व मंत्री जगत सिंह ने राज्य के सभी विधायकों से आग्रह किया कि इस कानून को लागू करने में सहयोग करें और अपने अपने क्षेत्रों में इसको लेकर काम करे तो हजारों लोगों को भूमि के मालिक बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस अधिनियम को लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

28 मार्च को राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में भी सभी उपायुक्तों को पुन: समयबद्ध क्रियान्वयन बारे निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिला स्तर पर इस संबंध में कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी ताकि लोगों को इस कानून के तहत पूरी जानकारी मिले और लोगों को इसका लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि यदि सभी का सहयोग रहेगा तो हिमाचल में कोई भी व्यक्ति भूमिहीन नहीं रहेगा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि एफआरए कानून सभी फारेस्ट कानून से ऊपर हैं। यदि किसी परिवार को एफआरए के तहत जमीन अलॉट है तो उसे कोई भी अधिकारी जमीन से बेदखल नहीं कर सकता।

 

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