हिमाचल प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में FCI की राज्य स्तरीय परामर्श समिति की महत्वपूर्ण बैठक – सांसद सुरेश कश्यप ने की समीक्षा, भंडारण क्षमता वृद्धि पर जोर – भारत केसरी टीवी

हिमाचल प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में FCI की राज्य स्तरीय परामर्श समिति की महत्वपूर्ण बैठक – सांसद सुरेश कश्यप ने की समीक्षा, भंडारण क्षमता वृद्धि पर जोर

शिमला बयरो सुभाष शमां

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हिमाचल प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में FCI की राज्य स्तरीय परामर्श समिति की महत्वपूर्ण बैठक – सांसद सुरेश कश्यप ने की समीक्षा, भंडारण क्षमता वृद्धि पर जोर

 

शिमला। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं शिमला लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री सुरेश कश्यप ने आज फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI), क्षेत्रीय कार्यालय शिमला में आयोजित हिमाचल प्रदेश के लिए राज्य स्तरीय परामर्श समिति (SLCC) की बैठक में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने FCI के मंडेट, राज्य में खाद्यान्न भंडारण, खरीद, वितरण एवं भविष्य की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।

 

FCI का मजबूत मंडेट – किसान, खाद्य सुरक्षा और मूल्य स्थिरीकरण पर केंद्रित

सांसद श्री कश्यप ने FCI के चार मूल जनादेशों की सराहना की:

किसानों के हितों की रक्षा हेतु प्रभावी मूल्य समर्थन संचालन,

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए परिचालन एवं बफर स्टॉक,

PDS के लिए पूरे देश में खाद्यान्न आवागमन,

मूल्य स्थिरीकरण हेतु बाजार हस्तक्षेप।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में FCI देश की खाद्य सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बना हुआ है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में यह और भी महत्वपूर्ण है।”

 

हिमाचल में FCI का ढांचा – 21 डिपो, 98.16% क्षमता उपयोग

कुल गोदाम: 21 (9 स्वामित्व, 12 किराए पर)

कुल भंडारण क्षमता: 1,00,584 MT (31 अक्टूबर 2025 तक)

वर्तमान स्टॉक: 98,347 MT

क्षमता उपयोग: 98.16% (PEG: 104%, PWS: 107%)

कश्यप ने कहा : “हिमाचल में FCI की क्षमता उपयोगिता 98.16% है, जो राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय है। लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन चुनौतियों को देखते हुए भंडारण क्षमता में तत्काल वृद्धि आवश्यक है।”

 

भंडारण गैप – 2.34 लाख MT की कमी, त्वरित समाधान जरूरी

8 माह की ऑफ-टेक आवश्यकता: 3,57,540 MT

वर्तमान क्षमता: 1,24,453 MT

कुल गैप: -2,34,627 MT

डिवीजनवार गैप:

डिवीजन गैप (MT)

RO शिमला -66,164

DO धर्मशाला -95,428

DO मंडी -73,035

कश्यप ने निर्देश दिया कि: “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के तहत PACS के माध्यम से 1 लाख MT क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। बिलासपुर में 3,000 MT का PACS गोदाम चिह्नित है – इसे शीघ्र स्वीकृत किया जाए।”

 

 

प्रगति में योजनाएं – PEG, PWS, PACS

PEG-2024 (पहाड़ी क्षेत्र): 1,33,380 MT प्रस्तावित (कांगड़ा: 39,841 MT, हमीरपुर: 12,618 MT आदि)

PWS-2010 स्कीम: GeM टेंडर जारी – 1,44,897 MT

PACS योजना: 1,00,000 MT (शिमला: 17,710 MT, कांगड़ा: 30,000+ MT आदि)

सांसद का आह्वान: “PEG और PWS टेंडरों को 3 माह में अंतिम रूप दिया जाए। केंद्र सरकार की ‘विश्व की सबसे बड़ी भंडारण योजना’ को हिमाचल में मॉडल बनाया जाए।”

 

खरीद – DCP मोड में सुधार

धान (KMS 2025-26): लक्ष्य 31,100 MT → उपलब्धि 15,200 MT (06.11.2025 तक)

गेहूं (RMS 2025-26): उपलब्धि 2,996 MT

2023-24 से DCP मोड में राज्य सरकार द्वारा खरीद

सांसद का सुझाव: “राज्य सरकार के साथ बेहतर समन्वय हो। मंडियों में भुगतान तंत्र को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाए।”

 

OMSS – बाजार स्थिरीकरण में योगदान

गेहूं: कुल बिक्री 1,89,490 MT

चावल: कुल 87,071 MT (2024-25 में 79,436 MT)

 

सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि “हिमाचल प्रदेश की खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण और राशन वितरण प्रणाली को और मजबूत करने के लिए FCI, राज्य सरकार और केंद्र के बीच पूर्ण समन्वय आवश्यक है। मैं व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी करूंगा। PEG, PACS और PWS योजनाओं को 2026 तक पूरा करना हमारा लक्ष्य होगा।”

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