चिट्टा के खिलाफ लड़ाई अब जन आंदोलन बनी : मुख्यमंत्री सुक्खू – भारत केसरी टीवी

चिट्टा के खिलाफ लड़ाई अब जन आंदोलन बनी : मुख्यमंत्री सुक्खू

[मदन शर्मा]

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चिट्टा के खिलाफ लड़ाई बनी जन आंदोलन : मुख्यमंत्री

शिमला क्रिकेट कार्निवाल के समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने रविवार शाम भराड़ी स्थित पुलिस मैदान में आयोजित शिमला क्रिकेट कार्निवाल के समापन समारोह की अध्यक्षता की। यह क्रिकेट प्रतियोगिता ‘नशे को कहें ना, खेलों को अपनाएं’ थीम के तहत आयोजित की गई थी।

मुख्यमंत्री ने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नशे, विशेषकर चिट्टा के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान अब पूरे प्रदेश में एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी से नशा विरोधी जागरूकता अभियान को मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखकर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से हाल ही में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शिमला समर फेस्टिवल के दौरान वॉलीबॉल और क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं तथा उन्हें नकारात्मक प्रभावों से दूर रखते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से राज्य के सभी कॉलेजों में नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित सेमिनार और वॉकाथॉन आयोजित किए जाएंगे। साथ ही वरिष्ठ जिला स्तरीय अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों का दौरा कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस, सामाजिक संगठन, पंचायतें, शिक्षक, अभिभावक और युवा मिलकर पूरे प्रदेश में नशे के खिलाफ इस निर्णायक लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं। सरकार केवल नशा तस्करों पर कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क और जड़ों को भी समाप्त कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में राज्य सरकार ने लगभग 51 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है तथा कई तस्करों और ड्रग माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि नशा संबंधी मामलों में संलिप्त 123 सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें 10 सरकारी कर्मचारियों और 21 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। सरकारी नौकरियों में भर्ती से पहले डोप टेस्ट को अनिवार्य बनाने का निर्णय नशामुक्त हिमाचल के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने खेल अवसंरचना को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं एवं अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी।

उन्होंने टूर्नामेंट के आयोजन के लिए 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने तथा क्रिकेट मैदान शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की।

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