सीएम सुक्खू ने GSSS रेल के छात्रों से किया संवाद, स्वच्छता, CBSE पाठ्यक्रम, पेपर लीक और स्कूल की समस्याओं पर हुई खुलकर चर्चा – भारत केसरी टीवी

सीएम सुक्खू ने GSSS रेल के छात्रों से किया संवाद, स्वच्छता, CBSE पाठ्यक्रम, पेपर लीक और स्कूल की समस्याओं पर हुई खुलकर चर्चा

[MADAN SHARMA]

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शिमला, । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेल में विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से उनके करियर, पढ़ाई और शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे बदलावों को लेकर फीडबैक लिया तथा उनकी विभिन्न समस्याओं और चिंताओं पर चर्चा की।

 

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से CBSE पाठ्यक्रम लागू होने के बाद स्कूल में आए बदलावों और उनके अनुभवों के बारे में भी जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें CBSE आधारित पाठ्यक्रम काफी रुचिकर लग रहा है और इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करेगा। विद्यार्थियों ने CBSE स्कूल शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

 

संवाद के दौरान एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि समाज में सफाई के काम को अक्सर कमतर क्यों समझा जाता है और प्रदेश को स्वच्छ बनाने के लिए क्या किया जा सकता है। छात्रा ने बताया कि उसकी बहन सरकारी एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम के तहत कजाकिस्तान गई थी, जहां उसने बेहतर स्वच्छता और सफाई व्यवस्था देखी। उसने कहा कि हिमाचल प्रदेश को भी स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।

 

इस पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी स्वच्छता को विशेष महत्व दिया था। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि लोग केवल अपने घरों की सफाई तक सीमित न रहें, बल्कि अपने आसपास और पड़ोस को भी स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी निभाएं।

 

एक विद्यार्थी ने NEET प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा भी उठाया। छात्र ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव बढ़ता है और उन्हें काफी परेशानी व निराशा का सामना करना पड़ता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक की घटना ने देशभर के युवाओं को प्रभावित किया और विद्यार्थियों को विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी और अभिभावक अपने बच्चे की सफलता की उम्मीद करता है और प्रश्नपत्र लीक होना उन युवाओं के साथ धोखा है, जिन्होंने अपने भविष्य के लिए कड़ी मेहनत की है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब चार वर्ष पहले हिमाचल प्रदेश में भी प्रश्नपत्र बेचने से जुड़े मामले सामने आए थे। वर्तमान प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए, हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर को भंग किया गया और पेपर लीक में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा गया।

 

उन्होंने कहा कि अब चयन प्रक्रिया राजकीय चयन आयोग के माध्यम से मेरिट के आधार पर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र लीक जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों को जेल भेजा जा सकता है।

 

इस दौरान एक छात्रा ने रांगस से स्कूल तक बस सेवा शुरू करने का आग्रह भी मुख्यमंत्री से किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार आवश्यक व्यवस्था कर रही है।

 

वहीं, एक प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थी ने स्कूल की क्षतिग्रस्त सीढ़ियों का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त सीढ़ियों की जल्द से जल्द मरम्मत सुनिश्चित की जाए।

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