राष्ट्रीय एससी-एसटी हब द्वारा मंडी में उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम का आयोजन – भारत केसरी टीवी

राष्ट्रीय एससी-एसटी हब द्वारा मंडी में उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम का आयोजन

[MADAN SHARMA]

Advertisement

 

Advertisement

*मंडी, भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय एससी-एसटी हब पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से शुक्रवार को सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी में उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के वर्तमान एवं भावी उद्यमियों को राष्ट्रीय एससी-एसटी हब योजना तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक करना था। साथ ही केंद्र सरकार की सार्वजनिक खरीद नीति के तहत केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों एवं केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा एससी/एसटी स्वामित्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से अनिवार्य खरीद के प्रावधानों की जानकारी भी प्रदान की गई।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों को उद्यम पंजीकरण के महत्व, विक्रेता पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, विभिन्न सीपीएसई द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुओं एवं सेवाओं, ई-टेंडरिंग प्रक्रिया, ऋण सुविधा, बैंकों द्वारा उपलब्ध सब्सिडी तथा व्यवसाय विस्तार से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

इस अवसर पर मंडी एवं आसपास के क्षेत्रों से 100 से अधिक वर्तमान एवं भावी एससी-एसटी उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, सोलन, भारतीय रिजर्व बैंक शिमला, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, नंगल, एसजेवीएन, भारतीय खाद्य निगम , बीबीएमबी, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस , पंजाब नेशनल बैंक, जिला उद्योग केंद्र, मंडी, एनएसआईसी तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र, हिमाचल प्रदेश एससी-एसटी विकास निगम तथा आरसेटी सहित विभिन्न संस्थानों के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लेकर अपने अनुभव एवं जानकारी साझा की।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय एससी-एसटी हब, लुधियाना के शाखा प्रभारी सूर्य भूषण के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने भारत सरकार की सार्वजनिक खरीद नीति की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा कुल खरीद का 4 प्रतिशत एससी/एसटी स्वामित्व वाले एमएसई तथा 3 प्रतिशत महिला स्वामित्व वाले एमएसई से किया जाना अनिवार्य है।

कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों को विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों, वित्तीय संस्थानों तथा एमएसएमई से जुड़े विभागों के अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिला। तकनीकी सत्रों में वित्तीय सहायता, विक्रेता पंजीकरण, सरकारी खरीद प्रक्रिया, ई-मार्केटप्लेस एवं अन्य सहयोगी सेवाओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, जिससे उद्यमियों को अपने व्यवसाय के विस्तार एवं सरकारी खरीद प्रणाली से जुड़ने में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

Oplus_16908288

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

2027 में कौन होगा हिमाचल का मुख्य मंत्री

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Facebook Instagram Twitter Youtube Whatsapp
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000