फिजूलखर्ची से खाली हुआ हिमाचल का खजाना, भाजपा को मिले 54,296 करोड़ का दुरुपयोग: सीएम सुक्खू – भारत केसरी टीवी

फिजूलखर्ची से खाली हुआ हिमाचल का खजाना, भाजपा को मिले 54,296 करोड़ का दुरुपयोग: सीएम सुक्खू

[ MADAN SHARMA]

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*फिजूलखर्ची से हिमाचल के खजाने को पहुंचाया नुकसान, 54,296 करोड़ ग्रांट का किया दुरुपयोग*

वर्तमान कांग्रेस सरकार को तीन वर्षों में केवल 17,563 करोड़ मिले
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने राज्य के खजाने को विकास कार्यों और आवश्यक अधोसंरचना पर खर्च करने के बजाय फिजूलखर्ची और राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार को पांच वर्ष के कार्यकाल में 54,296 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) मिला था। यह राशि राज्य की कुल आय का 25 से 30 प्रतिशत थी। इसके अलावा पूर्व भाजपा सरकार को 16,000 करोड़ रुपये की जीएसटी क्षतिपूर्ति भी मिली थी जिसका उपयोग राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने के बजाय मुफ्त योजनाओं और केंद्रीय नेतृत्व को खुश करने के लिए अनावश्यक कार्यक्रमों और संस्थानों को खोलने पर खर्च किया गया। उन्होंने कहा कि इसके मुकाबले वर्तमान सरकार को पिछले तीन वर्षों में केवल 17,563 करोड़ आरडीजी मिली है, जो भाजपा को मिली राशि से लगभग आधी है। उन्होंने कहा कि 14वें और 15वें वित्त आयोग से भाजपा सरकार को 54,296 करोड़ रुपये ग्रांट में मिले। इसके अलावा अंतरिम अनुदान के रूप में 11,431 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। जबकि कांग्रेस सरकार के तीन साल में सिर्फ 17,563 करोड़ की ही धनराशि आई। इसके बावजूद भाजपा सरकार ने कर्मचारियों के बकाया भुगतान नहीं किए और न ही महंगाई भत्ता (डीए) जारी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कोई बड़ा निवेश नहीं किया। अब वर्तमान सरकार इस कमी को पूरा कर रही है और अस्पतालों के आधुनिकीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसके साथ ही जायका फेज-2 के तहत 1,300 करोड़ रुपये स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर व्यय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वर्तमान सरकार ने दिसंबर, 2022 में कार्यभार संभाला, तब राज्य भारी आर्थिक संकट में था। भाजपा शासन के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज बढक़र लगभग 76,185 करोड़ रुपये हो गया था, जिसमें पांच वर्षों में लगभग 28,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि स्थिति और बिगड़ गई क्योंकि भाजपा सरकार ने बिना बजट प्रावधान के 10,000 करोड़ रुपये के वेतन संशोधन और डीए बकाया की घोषणा कर दी।

इसके अलावा, भाजपा ने अपने अंतिम छह महीनों में 900 से अधिक संस्थान खोल दिए, जिससे हर साल लगभग 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा। आर्थिक संकट से बचने के लिए वर्तमान सरकार को इनमें से कई संस्थानों को बंद करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भाजपा का आज शोर मचाना मात्र दिखावा है, क्योंकि उन्होंने ही राज्य के खजाने को लुटाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार आईजीएमसी शिमला, टांडा और चमियाना में रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाएं आरम्भ की है और शीघ्र ही राज्य के लोगों को प्रदेश में ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

भाजपा सरकार को मिली आरडीजी
वित्त वर्ष धनराशि
2018-19 8,449 करोड़
2019-20 8,271 करोड़
2020-21 8,062 करोड़
2021-22 7834 करोड़
2022-23 10,249 करोड़
कुल धनराशि 54,296 करोड़

कांग्रेस सरकार को मिली आरडीजी
वित्त वर्ष धनराशि
2023-24 8,058 करोड़
2024-25 6,258 करोड़
2025-26 3,257 करोड़
2026-27 0 संभावित
2027-28 0 संभावित

कुल धनराशि 17,563 करोड़

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