ओबीसी सूची में शामिल करने के मामलों की आयोग ने की समीक्षा – भारत केसरी टीवी

ओबीसी सूची में शामिल करने के मामलों की आयोग ने की समीक्षा

[MADAN SHARMA]

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ओबीसी सूची में शामिल करने के मामलों की आयोग ने की समीक्षा

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हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की शिमला जिला की विभिन्न जातियों/समुदायों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची में शामिल करने के संबंध में आज यहां बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष प्रभात चंद ने की।

आयोग के अध्यक्ष प्रभात चंद ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक आधार पर अगर कोई पिछड़ा है तो उसे अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल किया जाता है। इसके लिए 25 मानदंड तय किए गए है जो जाति इन मानदंडों को पूरा करती है उसी को फिर ओबीसी का दर्जा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि लेकिन कई जगह से रिपोर्ट समय पर प्राप्त नहीं हो पा रही है। ऐसे में सारी प्रक्रिया धीमी हो गई है।

बैठक में संबंधित समुदायों की सामाजिक, आर्थिक एवं अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर स्थिति पर चर्चा की गई।

बैठक में विभिन्न समुदायों से संबंधित जानकारी एवं रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार ब्राह्मण भुजुरु, ब्राह्मण आचारज, कुलाल/कलाल तथा भाट/भट्टा समुदायों के संबंध में आयोग द्वारा निर्धारित 25 मापदंडों की पूरी जानकारी अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (कानून एवं व्यवस्था), शिमला की ओर से इस संबंध में सूचनात्मक पत्र एवं अनुस्मारक प्राप्त हुए हैं।

डोडरा क्वार समुदाय के मामले में आयोग द्वारा 11 जून 2026 को क्वार तथा 12 जून 2026 को डोडरा क्षेत्र में सार्वजनिक सुनवाई की गई थी। इसके बाद 25 जून 2026 को उपमंडल अधिकारी (नागरिक), डोडरा कवार की ओर से 25 मापदंडों पर आधारित रिपोर्ट प्राप्त हुई।

रिपोर्ट में कुछ बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता बताई गई है। इनमें डोडरा कवार क्षेत्र के निवासियों के वैवाहिक संबंधों, भूमि जोत के आकार तथा आर्थिक स्थिति से संबंधित जानकारी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्र के लोगों को ईडब्ल्यूएस के लाभ भी प्राप्त हो रहे हैं तथा डोडरा क्वार क्षेत्र पहले से ही अनुसूचित पिछड़ा क्षेत्र है, जिसके चलते लोगों को पिछड़ेपन से संबंधित लाभ मिल रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानीय लोगों के अनुसार 21 वर्ष से कम आयु में विवाह नहीं होते तथा विवाह के दौरान किसी प्रकार की विचाराधीन/निर्धारित राशि लेने की परंपरा नहीं है।

 

यह भी रहे मौजूद

बैठक में आयोग सदस्य राजीव राणा, सदस्य राकेश चौधरी, सदस्य के. एस. भारती, सदस्य सपना कटोच, आयोग के सदस्य सचिव शिव मोहन सिंह सैनी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा, एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, एसडीएम ठियोग डा शशांक गुप्ता, एसडीएम कुमारसैन मुकेश कुमार, एसडीएम डोडरा क्वार कीर्ति चंदेल, एसडीएम सुन्नी राजेश वर्मा, एसडीएम चौपाल हेम चंद वर्मा, एसडीएम शिमला शहरी सन्नी शर्मा, एसडीएम जुब्बल गुरमीत नेगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थि

त रहे।

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