एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का राज्यपाल ने किया शुभारंभ, बोले— जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जनभागीदारी जरूरी – भारत केसरी टीवी

एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का राज्यपाल ने किया शुभारंभ, बोले— जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जनभागीदारी जरूरी

[ मदन शर्मा]

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शिमला,

राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने मंगलवार को जूटोग कैंटोनमेंट में प्रार्थना सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कैंटोनमेंट परिसर में अरौकेरिया (Araucaria) का पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत की।

 

राज्यपाल ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। इन समस्याओं से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी सबसे सरल और प्रभावी उपायों में से एक है।

 

उन्होंने प्रार्थना सोशल वेलफेयर सोसायटी को इस अभियान के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक एक भावनात्मक एवं राष्ट्रीय जनआंदोलन है।

 

राज्यपाल ने कहा कि जिस प्रकार एक माँ अपने बच्चों को प्रेम, सुरक्षा और जीवन देती है, उसी प्रकार वृक्ष हमें शुद्ध वायु, जल संरक्षण, छाया, फल और पर्यावरणीय संतुलन प्रदान करते हैं। ऐसे में माँ के नाम पर एक पौधा लगाना, माँ और प्रकृति दोनों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का सुंदर माध्यम है।

 

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति का सम्मान सदैव सर्वोच्च रहा है। वेदों और उपनिषदों में पृथ्वी को माता तथा वृक्षों को जीवनदाता माना गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान आज पूरे देश में जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

 

राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर—घने जंगलों, हिमालय, नदियों और समृद्ध जैव विविधता—का उल्लेख करते हुए इनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

 

उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है। अभियान की वास्तविक सफलता पौधों के जीवित रहने और विकसित होने में है।

 

इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और ठोस प्रयासों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन वह सतत विकास के सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।

 

उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक विद्यार्थी एक पौधा गोद लेकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी निभाए। साथ ही कहा कि तेजी से हो रहे शहरीकरण और जंगलों के घटते क्षेत्र के कारण वन्यजीव मानव बस्तियों की ओर आने को मजबूर हो रहे हैं, इसलिए पर्यावरण संरक्षण और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

 

कार्यक्रम के बाद राज्यपाल ने जूटोग कैंटोनमेंट संग्रहालय का भी भ्रमण किया, जहां कमांडिंग ऑफिसर ने उन्हें सम्मानित किया।

 

प्रार्थना सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष हिमेश शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

 

इस अवसर पर जूटोग स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर इंदरवीर राणा, जूटोग कैंटोनमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निशांत गुप्ता, 1 JAK राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल सचिन कुमार, केंद्रीय विद्यालय जूटोग के प्राचार्य मोहित कुमार, विद्यालय के विद्यार्थी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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