शिमला के 600 मेधावी छात्रों को राज्यपाल ने किया सम्मानित, युवाओं को ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप अपनाने का दिया संदेश – भारत केसरी टीवी

शिमला के 600 मेधावी छात्रों को राज्यपाल ने किया सम्मानित, युवाओं को ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप अपनाने का दिया संदेश

[MADAN SHARMA]

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शिमला, 15 जुलाई 2026।

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राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि प्रतिष्ठित सेवाओं में चयन होना निश्चित रूप से सराहनीय लक्ष्य है, लेकिन सफलता केवल एक ही करियर तक सीमित नहीं है। उन्होंने युवाओं से नवाचार, उद्यमिता और वैज्ञानिक अनुसंधान, विशेषकर औषधीय पौधों एवं प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में अवसर तलाशने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

 

राज्यपाल आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला में एक प्रमुख हिंदी दैनिक समूह द्वारा आयोजित ‘शिमला के मेधावी’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शिमला जिले के 35 से अधिक विद्यालयों के 600 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

 

उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड ने मनुका पौधे के माध्यम से वैश्विक बाजार तैयार किया है, दक्षिण कोरिया ने जिनसेंग को बड़ी आर्थिक शक्ति में बदला है, जबकि जम्मू-कश्मीर में लैवेंडर की खेती ने सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश औषधीय जड़ी-बूटियों, सुगंधित पौधों और उच्च मूल्य वाली फसलों का समृद्ध भंडार है, जिससे वैज्ञानिक खेती, मूल्य संवर्धन और नवाचार के माध्यम से हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

 

राज्यपाल ने कहा कि यदि प्रदेश के युवा नवाचार को प्राकृतिक संसाधनों से जोड़ दें, तो हिमाचल प्रदेश केवल भारत की बागवानी राजधानी ही नहीं, बल्कि ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप की राजधानी भी बन सकता है।

 

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नवाचार को बढ़ावा देना और युवाओं को समाज व राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि मेधावी छात्र उस सशक्त, प्रगतिशील और मूल्य आधारित भारत के प्रतिनिधि हैं, जिसकी कल्पना स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी।

 

राज्यपाल ने विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और ज्ञान प्राप्त करने की अदम्य इच्छा की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सह-पाठ्यक्रम और अन्य गतिविधियों में भी उनकी उत्कृष्ट भागीदारी दिखाई देती है।

 

उन्होंने युवाओं से नशे के बढ़ते खतरे के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि “नशा मुक्त हिमाचल ही मजबूत और समृद्ध हिमाचल की नींव है।” साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से अपने मित्रों और सहपाठियों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

 

इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यापीठ संस्थान द्वारा शुरू की गई ‘कलम ऑफ हिमाचल’ पहल का भी शुभारंभ किया।

 

कार्यक्रम में आयोजन करने वाले दैनिक समाचार पत्र के राज्य ब्यूरो प्रमुख राजेश मंधोत्रा ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की जानकारी दी।

 

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता की कुंजी कठिन परिश्रम है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) ने शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोली हैं। विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पांच नए शैक्षणिक केंद्र स्थापित कर रहा है तथा परिसर में प्रस्तावित सोलर पैनल निर्माण परियोजना भी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

 

विद्यापीठ संस्थान के निदेशक रमेश शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया, जबकि निदेशक रविंद्र अवस्थी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

 

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, अभिभावक, शिक्षक, विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

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