बड़ा भंगाल पहुंचकर मुख्यमंत्री ने दूरस्थ क्षेत्रों के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई – भारत केसरी टीवी

बड़ा भंगाल पहुंचकर मुख्यमंत्री ने दूरस्थ क्षेत्रों के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई

[ मदन शर्मा ]

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मुख्यमंत्री का बड़ा भंगाल दौरा दूरस्थ क्षेत्रों के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक

• कांग्रेस सरकार राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रही विकास

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कांगड़ा जिले के अत्यंत दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल का दो दिवसीय दौरा दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के समग्र विकास के प्रति उनकी संवेदनशीलता और गहरी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। यह दौरा दर्शाता है कि वर्तमान सरकार का विकास एजेंडा केवल सड़कों और शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के सबसे दूर बसे नागरिक तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करना उसका उद्देश्य है।

वर्षों तक जिन क्षेत्रों की आवाज शिमला तक नहीं पहुंच पाती थी, वहां अब मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचकर लोगों से संवाद कर रहे हैं, उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर ही उनके समाधान के निर्देश दे रहे हैं।

“व्यवस्था परिवर्तन” के अपने संकल्प को धरातल पर उतारते हुए मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया है कि उनके लिए विकास का पैमाना वोटों की संख्या नहीं, बल्कि लोगों की आवश्यकताएं हैं। कम आबादी वाले और राजनीतिक दृष्टि से कम प्रभावशाली क्षेत्रों को भी विकास की मुख्यधारा में लाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

बड़ा भंगाल दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं यहां राजनीति करने नहीं आया हूं, बल्कि आपके दुख-दर्द साझा करने और आपके साथ खड़ा रहने आया हूं।” यह कथन उनकी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री के दौरे से बड़ा भंगाल के लोगों में खुशी का माहौल है। स्थानीय निवासी कमलो देवी ने कहा कि इस यात्रा से क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है। ऋषु राम ने कहा कि ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू बड़ा भंगाल में रात्रि प्रवास करने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं और अब उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की उम्मीद बढ़ी है। संतोष कुमारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याएं सुनते ही अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए।

इससे पहले भी मुख्यमंत्री शिमला जिले के डोडरा-क्वार और कुपवी, कुल्लू जिले के बागा सराहन तथा बंजार विधानसभा क्षेत्र के सरची जैसे दुर्गम क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। इन सभी स्थानों पर उन्होंने रात्रि प्रवास किया, लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए त्वरित निर्णय लिए।

बड़ा भंगाल सहित अन्य दुर्गम क्षेत्रों में रात्रि प्रवास कर ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं जिन्होंने इस तरह की पहल की है। यह केवल प्रशासनिक गतिविधि नहीं, बल्कि जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली संवेदनशील और जन-केंद्रित शासन व्यवस्था का उदाहरण है।

कांग्रेस सरकार बनने के बाद जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के संतुलित विकास को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री ने सुनिश्चित किया कि राज्य स्तरीय कार्यक्रम केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें। इसी सोच के तहत सरकार बनने के बाद पहला राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस जनजातीय क्षेत्र काजा में आयोजित किया गया। इसके बाद वर्ष 2025 का राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस देश के सबसे दुर्गम क्षेत्रों में से एक पांगी में मनाया गया। इससे यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि प्रदेश का प्रत्येक क्षेत्र विकास और सम्मान का समान अधिकार रखता है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के इन दौरों ने यह साबित किया है कि वर्तमान सरकार के लिए हिमाचल प्रदेश का कोई भी गांव, परिवार या नागरिक दूर नहीं है। यही “व्यवस्था परिवर्तन” की वास्तविक भावना है, जिसके तहत विकास का लाभ प्रदेश के हर कोने तक समान रूप से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

Kamlo Devi
Santosh Kumari
Rishu Ram

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