सस्ती प्रिंटिंग सुविधा बंद करने के विरोध में SFI का प्रदर्शन, अधिसूचना वापस लेने की मांग – भारत केसरी टीवी

सस्ती प्रिंटिंग सुविधा बंद करने के विरोध में SFI का प्रदर्शन, अधिसूचना वापस लेने की मांग

[MADAN SHARMA]

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एसएफआई ने पुस्तकालय में सस्ती प्रिंटिंग सुविधा बंद करने संबंधी अधिसूचना वापस लेने की मांग को लेकर पुस्तकालयाध्यक्ष से की मुलाकात**

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**स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कैंपस इकाई** ने आज विश्वविद्यालय पुस्तकालय में संचालित कम लागत वाली प्रिंटिंग सुविधा को प्रतिबंधित करने संबंधी हालिया अधिसूचना के विरोध में **पुस्तकालयाध्यक्ष (Librarian/Incharge)** से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा तथा अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग उठाई।

 

इस संबंध में जानकारी देते हुए **किशोर कुमार, एस एफ आई कैंपस संयुक्त सचिव, *, ने कहा कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब विश्वविद्यालय के छात्र पहले से ही **परीक्षा शुल्क, छात्रावास शुल्क, पुनर्मूल्यांकन शुल्क, रिपेयर शुल्क तथा अन्य विभिन्न शुल्कों में बढ़ोतरी** के कारण बढ़ते आर्थिक बोझ का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में विश्वविद्यालय पुस्तकालय में वर्षों से संचालित कम दरों वाली प्रिंटिंग सुविधा को सीमित करना छात्रों पर एक और अप्रत्यक्ष आर्थिक बोझ डालने जैसा है।

 

उन्होंने कहा कि आज एसएफआई प्रतिनिधिमंडल ने पुस्तकालयाध्यक्ष से मुलाकात कर छात्रों की चिंताओं से अवगत कराया और यह स्पष्ट किया कि पुस्तकालय में उपलब्ध सस्ती प्रिंटिंग और ज़ेरॉक्स सुविधा हजारों छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक सहारा रही है। विशेष रूप से गरीब, ग्रामीण, मेहनतकश तथा मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले छात्र अपनी दैनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं — जैसे असाइनमेंट, शोध-पत्र, डिसर्टेशन, सेमिनार पेपर, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, जर्नल, प्रवेश पत्र, परीक्षा प्रपत्र तथा अन्य जरूरी दस्तावेजों — की प्रिंटिंग के लिए इस सुविधा पर निर्भर रहते हैं।

 

किशोर कुमार ने कहा कि प्रशासन की इस अधिसूचना के लागू होने के बाद छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर के बाहर निजी दुकानों पर निर्भर होना पड़ेगा, जहां प्रिंटिंग की लागत काफी अधिक है। जब एक ओर छात्र बढ़ी हुई फीस के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे समय में सस्ती प्रिंटिंग सुविधा को सीमित करना छात्र हितों के खिलाफ कदम है।

 

एसएफआई ने पुस्तकालय प्रशासन के समक्ष यह मांग रखी कि **पुस्तकालय में प्रिंटिंग सुविधा पर लगाए गए प्रतिबंध को तत्काल वापस लिया जाए और छात्रों के लिए पूर्ववत कम लागत वाली प्रिंटिंग सुविधा जारी रखी जाए।** संगठन ने यह भी कहा कि छात्रों को प्रभावित करने वाले निर्णय लेने से पहले छात्र प्रतिनिधियों से परामर्श किया जाना चाहिए।

 

एसएफआई उपाध्यक्ष **कॉमरेड आशीष* ने कहा कि विश्वविद्यालय पुस्तकालय केवल किताबों का केंद्र नहीं बल्कि छात्रों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है। शिक्षा को सुलभ और किफायती बनाने के बजाय इस प्रकार की सुविधाओं को सीमित करना विश्वविद्यालय प्रशासन की छात्र कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

 

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने इस मुद्दे पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो **एसएफआई छात्र हितों और सस्ती शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए अपने लोकतांत्रिक आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगी।**

 

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