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आर्थिक विकास के साथ सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी जरूरी : राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता

[मदन शर्मा ]

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आर्थिक विकास के साथ सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी आवश्यकः राज्यपाल
राज्यपाल ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के अंतर्गत आयोजित युवा संगम कार्यक्रम की अध्यक्षता की

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज धर्मशाला स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संगम’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता कार्यक्रम के तहत एनआईटी पुडुचेरी के विद्यार्थी भी उपस्थित थेे।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में तेजी से बदलते दौर में आर्थिक प्रगति के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं का संरक्षण भी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार तथा स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित करने का प्रयास करें।

उन्होंने कहा कि युवा संगम कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और युवा सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का प्रभावी मंच है। भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और ऐसे कार्यक्रम युवाओं को देश के विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को समझने तथा उनका सम्मान करने का अवसर प्रदान करते हैं।
राज्यपाल ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को भारत की वास्तविकता से परिचित करवाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि हमारी भाषाएं, खान-पान, वेशभूषा और परंपराएं भले ही अलग-अलग हों, लेकिन विविधता में एकता है। उन्होंने युवाओं से देश की असली पहचान और एकता की भावना को सुदृढ़ करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कविन्द्र गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को स्थानीय लोगों से संवाद संवाद कर प्रदेश की परंपराओं और सामाजिक जीवन को निकट से जानने के लिए प्रेरित किया।

राज्यपाल ने युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है और युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मकता तथा नवाचार देश के भविष्य को नई दिशा प्रदान करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास में भी सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने एनआईटी पुडुचेरी के प्रतिनिधिमंडल को सम्मानित भी किया। दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भारत की एकता और विविधता की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
इस अवसर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के कुलाधिपति प्रो. हरमोहिंदर सिंह बेदी, कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल, एनआईटी पुडुचेरी के डॉ. गौरीशंकर, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।।

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