पहले हिमकेयर छीना, फिर टेस्ट महंगे किए, अब मरीजों के भोजन पर भी डाला डाका : राकेश जमवाल – भारत केसरी टीवी

पहले हिमकेयर छीना, फिर टेस्ट महंगे किए, अब मरीजों के भोजन पर भी डाला डाका : राकेश जमवाल

[MADAN SHARMA]

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*सरकारी अस्पताल सेवा के केंद्र होते हैं, कमाई के अड्डे नहीं : राकेश जमवाल*

*कहा,,सुक्खु सरकार ने इंसानियत दी ठेके पर, पहले हिमकेयर छीना, फिर टेस्ट महंगे किए, अब मरीजों के भोजन पर भी डाला डाका*

*शिमला* : भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने आईजीएमसी में मरीजों के भोजन के दाम बढ़ाने के फैसले पर प्रदेश की सुक्खू सरकार और अस्पताल प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार अब जनता को हर मोर्चे पर निचोड़ने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि जो लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं, उन पर भी महंगाई का बोझ डालना सरकार की संवेदनहीनता और अमानवीय सोच को दर्शाता है।

राकेश जमवाल ने कहा कि पहले प्रदेश सरकार ने हिमकेयर जैसी जनहितकारी योजना के साथ खिलवाड़ किया, फिर सहारा योजना के लाभार्थियों को परेशान किया, उसके बाद अस्पतालों में टेस्ट और जांचों के रेट बढ़ा दिए गए और अब जो कसर बाकी रह गई थी, वह मरीजों के खाने को महंगा करके पूरी कर दी गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सेवा के हर क्षेत्र को उगाही का धंधा बना दिया है।

उन्होंने कहा कि आईजीएमसी जैसे सरकारी अस्पताल गरीब, मध्यम वर्ग और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की आखिरी उम्मीद होते हैं। यहां इलाज के लिए आने वाले परिवार पहले ही दवाइयों, जांचों, किराये और रहने-खाने के खर्च से टूट चुके होते हैं। ऐसे में मरीजों के खाने के दाम बढ़ाना किसी क्रूर मजाक से कम नहीं है। सरकार को यह समझना चाहिए कि अस्पताल कमाई का केंद्र नहीं बल्कि मानव सेवा का स्थान होता है।

भाजपा मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार अपने मंत्रियों और राजनीतिक तामझाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, दूसरी ओर गरीब मरीजों को दो वक्त का भोजन भी महंगा कर दिया गया है। यदि सरकार में जरा भी संवेदनशीलता बची होती तो वह अपने खर्चों में कटौती करती, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस सरकार जनता की जेब काटने में लगी हुई है।

राकेश जमवाल ने कहा कि आईजीएमसी में भर्ती मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार पहले ही लंगर, धर्मशालाओं और उधार के सहारे दिन काटते हैं। कई परिवार गांवों से जमीन बेचकर या कर्ज लेकर इलाज करवाने आते हैं। ऐसे समय में भोजन के दाम बढ़ाना सरकार की गरीब विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि आखिर गरीब आदमी जाए तो जाए कहां? क्या सरकारी अस्पताल भी अब आम आदमी की पहुंच से बाहर किए जा रहे हैं?

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की असलियत समझ चुकी है। चुनावों से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाली सरकार आज हर वर्ग को परेशान कर रही है। कर्मचारी, किसान, युवा, महिलाएं, व्यापारी, मरीज—कोई भी वर्ग ऐसा नहीं बचा जिससे यह सरकार उगाही न कर रही हो। अब हालात ऐसे हो चुके हैं कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा व्यक्ति भी सरकार की लूट से नहीं बच पा रहा।

राकेश जमवाल ने मांग की कि आईजीएमसी में मरीजों और तीमारदारों के भोजन के बढ़ाए गए दाम तुरंत वापस लिए जाएं तथा गरीब मरीजों को राहत देने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता की आवाज बनकर इस जनविरोधी फैसले का पुरजोर विरोध करेगी और कांग्रेस सरकार की संवेदनहीन नीतियों को जनता के बीच लगातार उजागर करती रहेगी।

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